फल्गु नदी में विधि-विधान से किया तर्पण

इंडिया रिपोर्टर लाइव
भोपाल/गयाजी, 10 अक्टूबर 2026। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को बिहार के गया पहुंचे। गया एयरपोर्ट पर आगमन के बाद वे सड़क मार्ग से बोधगया मठ पहुंचे। यहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार उन्होंने पवित्र फल्गु नदी में विधि-विधान से तर्पण किया। पितृपक्ष के अंतिम दिन मुख्यमंत्री के गया आगमन को लेकर प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे।
मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए गया एयरपोर्ट से बोधगया तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई। उनके काफिले के गुजरने वाले मार्ग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। संबंधित अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करते रहे, ताकि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क रहीं।
पितृपक्ष के अंतिम दिन किया तर्पण
गयाजी का सनातन धर्म में पितरों की मुक्ति और मोक्ष की कामना से किए जाने वाले पिंडदान और तर्पण के लिए विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फल्गु नदी के तट पर पितरों के निमित्त तर्पण कर पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। इसी परंपरा के तहत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पवित्र फल्गु नदी में तर्पण किया। पितृपक्ष के अंतिम दिन होने के कारण इस धार्मिक अनुष्ठान का विशेष महत्व रहा। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु गयाजी पहुंचते हैं। यहां फल्गु नदी के तट और विभिन्न वेदियों पर श्रद्धालु पिंडदान, तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। पितृपक्ष के अंतिम दिन भी धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही।
महाबोधि मंदिर में करेंगे दर्शन
फल्गु नदी में तर्पण के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बोधगया स्थित विश्व प्रसिद्ध महाबोधि मंदिर में दर्शन करने का कार्यक्रम है। महाबोधि मंदिर भगवान बुद्ध की ज्ञान प्राप्ति से जुड़ा प्रमुख बौद्ध तीर्थस्थल है। यहां हर वर्ष देश-विदेश से बड़ी संख्या में बौद्ध श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे में धार्मिक और आध्यात्मिक स्थलों का विशेष महत्व रहा। पितृपक्ष के अंतिम दिन फल्गु नदी में तर्पण और इसके बाद महाबोधि मंदिर में दर्शन के कार्यक्रम को लेकर प्रशासन मुस्तैद रहा।


