तकनीकी सहायक की संविदा समाप्त

इंडिया रिपोर्टर लाइव
बलरामपुर, 31 अक्टूबर 2026। बलरामपुर जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। चेकडैम निर्माण में गंभीर तकनीकी खामियां और वित्तीय अनियमितताएं उजागर होने के बाद कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर बहुस्तरीय प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। मामले में जनपद पंचायत राजपुर के एक संविदा तकनीकी सहायक की सेवा समाप्त कर दी गई है, जबकि तीन तकनीकी सहायकों से 9.13 लाख रुपये की वसूली तथा 17 कार्यों के भुगतान पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
कंक्रीट की खराब गुणवत्ता छिपाने के लिए किया गया प्लास्टर
मार्च 2026 में विभिन्न समाचार पत्रों में चेकडैम निर्माण की गुणवत्ता को लेकर प्रकाशित खबरों का संज्ञान लेते हुए राज्य कार्यालय के निर्देश पर मुख्य तकनीकी परीक्षक (सतर्कता) से 17 चेकडैम कार्यों की विस्तृत जांच कराई गई थी। जांच प्रतिवेदन में कंक्रीट की गुणवत्ता और उप-संरचनाओं के निर्माण में गंभीर तकनीकी कमियां पाई गईं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि कंक्रीट की खराब गुणवत्ता को छिपाने के लिए सतह पर प्लास्टर किया गया था और कार्यों का फर्जी अधिक मूल्यांकन (ओवर-वैल्यूएशन) दर्ज किया गया था।
दोषियों पर गिरी गाज
जांच प्रतिवेदन के आधार पर जनपद पंचायत राजपुर में पदस्थ तकनीकी सहायक रोहित कुमार की संविदा सेवा 30 अक्टूबर 2026 को आदेश जारी कर तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई है। अधिक मूल्यांकन और गड़बड़ी के एवज में तकनीकी सहायक रोहित कुमार, अविनाश भारती एवं कृपाशंकर गुप्ता से कुल 9.13 लाख रुपये की वसूली के निर्देश दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त अविनाश भारती और कृपाशंकर गुप्ता पर महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम 2005 की धारा 25 के तहत 1,000-1,000 रुपये का अर्थदंड लगाते हुए अंतिम चेतावनी जारी की गई है। अनियमितता के दायरे में आए सभी 17 कार्यों के भुगतान रोक दिए गए हैं। इनमें ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) संभाग बलरामपुर के 12 और जनपद पंचायत राजपुर के 5 कार्य शामिल हैं।
पर्यवेक्षण में लापरवाही बरतने पर RES संभाग बलरामपुर के कार्यपालन अभियंता सच्चिदानंद कांत, उप संभाग राजपुर के एसडीओ जानूराम सोनवानी, जनपद पंचायत राजपुर के सीईओ संजय दुबे तथा कार्यक्रम अधिकारी मानसाय सिदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण ही प्रशासन का लक्ष्य
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी एवं जिला पंचायत सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी मद या योजना से होने वाले निर्माण कार्यों में तय मानकों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल औपचारिकता पूरी करना नहीं, बल्कि ग्रामीणों के हित में मजबूत और टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। भविष्य में भी विकास कार्यों की निरंतर निगरानी की जाएगी और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सीधे तौर पर जवाबदेही तय करते हुए सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


