भाजपा सरकार में छत्तीसगढ़ का युवा बेरोजगारी की मार झेलने को मजबूर

इंडिया रिपोर्टर लाइव
रायपुर, 31 अक्टूबर 2026। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में बढ़ती बेरोजगारी युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। भाजपा ने विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं को रोजगार और नियमित पदों पर 1 लाख सरकारी नौकरियों के बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन आज प्रदेश का युवा नौकरी की तलाश में भटकने को मजबूर है। सरकार के वादों की हकीकत यह है कि नई भर्तियों पर ब्रेक लगा दिया गया है, शिक्षक भर्ती, पुलिस भर्ती, वन विभाग और न्यायिक सेवा में नियुक्तियां बाधित है, पीएससी भर्ती परीक्षाओं का भी हाल सर्वविधित है तो वही पुरानी प्रक्रियाओं को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि डिग्री और तकनीकी शिक्षा हासिल करने के बावजूद युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप रोजगार नहीं मिल पा रहा है, चुनाव के दौरान युवाओं को नौकरी का झांसा देकर सत्ता में आते ही उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करना यह दिखाता है कि युवाओं का वोट बटोरने के लिए सरकारी नौकरी का जुमला दिया गया था। प्रदेश के लाखों युवा प्रतिवर्ष प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अपना कीमती समय और परिवार की गाढ़ी कमाई लगा रहे हैं। सरकारी विभागों में रिक्त पदों पर समयबद्ध भर्ती नहीं होने, भर्ती प्रक्रियाओं में देरी, भर्ती प्रक्रिया में अनियमितता और रोजगार के पर्याप्त अवसरों के अभाव के कारण युवाओं में भारी मानसिक तनाव और निराशा बढ़ रही है।
प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता सत्यप्रकाश सिंह ने कहा कि बेरोजगारी का असर केवल युवाओं तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होती है। समय पर भर्ती न होने के अभाव में अनेक युवा उम्रदराज हो रहे हैं, तो कई रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे है, जबकि राज्य के युवाओं के अधिकारों को छीनकर यह सरकार आउटसोर्सिंग के द्वारा बाहरी लोगों को लाभ पहुंचा रही है और छत्तीसगढ़ के युवाओं को बेरोजगार रखने की साजिश की जा रही है, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में रिकॉर्ड भर्तियां व पदोन्नतियां की गई जिसके चलते बेरोजगारी दर ऐतिहासिक तौर पर न्यूनतम मात्र 0.6 प्रतिशत थी, आज भाजपा सरकार की नाकामियों की वजह से प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है!


