हरियाणा में भाजपा की तिरंगा यात्रा किसानों को भड़काने और बदनाम करने की कुटिल चाल : एसकेएम

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली 02 अगस्त 2021। केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने हरियाणा के किसानों से अपील की है कि वे भाजपा की राज्य इकाई द्वारा शुरू की जा रही तिरंगा यात्रा का विरोध नहीं करें। एसकेएम ने दावा किया कि यह किसानों को भड़काने और बदनाम करने की ‘कुटिल चाल’ है।

करीब 40 किसान संगठनों के संयुक्त मंच एसकेएम ने रविवार को एक बयान में कहा कि अन्य कार्यक्रमों और भाजपा-जजपा का विरोध जारी रहेगा। इसमें कहा गया है कि भाजपा की हरियाणा इकाई द्वारा प्रस्तावित तिरंगा यात्रा मुख्य रूप से किसनों को भड़काने और उन्हें बदनाम करने के लिए है। संयुक्त किसान मोर्चा किसानों से आह्वान करता है कि वे इसे भाजपा की कुटिल चाल के तौर पर देखें और उनकी राष्ट्रीय ध्वज की आड़ में गंदी चाल को सफल नहीं होने दें। उल्लेखनीय है कि भाजपा की हरियाणा इकाई ने 75वें स्वतंत्रता दिवस से पहले रविवार को भिवानी से दो सप्ताह की तिरंगा यात्रा की शुरुआत की। इसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ओ.पी. धनखड़ शामिल हुए और उन्होंने दावा किया कि हजारों की संख्या में किसान कार्यक्रम में शामिल हुए।

संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि सोमवार को भी दिल्ली के जंतर-मंतर पर ‘किसान संसद’ जारी रहेगी। बयान में कहा गया कि जंतर-मंतर पर पानी जमा होने के बावजूद किसान संसद अनुशासित और पूरी प्रतिबद्धता तरीके से जारी रहेगी। छत्तीसगढ़ में समानंतर किसान संसद राज्य इकाई द्वारा एकजुटता प्रकट करने के लिए आयोजित की जाएगी। 

गौरतलब है कि केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शनकारी किसान पिछले साल 26 नवंबर से दिल्ली और हरियाणा की सीमाओं पर डेरा डाले हुए हैं। वे इन तीनों कानूनों को रद्द करने और फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी देने के लिए एक नया कानून लाने की मांग कर रहे हैं। इन विवादास्पद कानूनों पर बने गतिरोध को लेकर हुई किसानों और सरकार के बीच कई दौर की वार्ता बेनतीजा रही। किसान इस मुद्दे पर सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं। किसानों ने सरकार से जल्द उनकी मांगें मानने की अपील की है। वहीं, सरकार की तरफ से यह साफ कर दिया गया है कि कानून वापस नहीं होगा।

Leave a Reply

Next Post

शिवराज सरकार ने रद्द किए MP के 60 प्राइवेट अस्पतालों के लाइसेंस, 301 को कारण बताओ नोटिस

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव भोपाल 02 अगस्त 2021। मध्य प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने एमपी नर्सिंग होम एंड क्लिनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट 1973 और नियम 1997 के तहत अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन का दोषी पाते हिए 60 अस्पतालों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मध्य प्रदेश के […]

You May Like

अडवार नदी का रपटा डूबा, नदी-नाले उफान पर....|....संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय में शुल्क वृद्धि पर युवा कांग्रेस का आंदोलन....|....पूर्व क्रिकेटर पर 17.52 लाख की धोखाधड़ी का आरोप....|....रोपा लगाने जा रही महिलाओं से भरा ट्रैक्टर पलटा, दो की मौत; छह घायल....|....मानसून की बारिश में हीराकुंड डैम लबालब....|....वर्षा प्रभावितों के लिए उचित मुआवजा की घोषणा करें सरकार- त्रिलोक चंद्र श्रीवास....|....कोल इंडिया के गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड अभियान के तहत एसईसीएल ने बिलासपुर में एक ही दिन में 15 हजार पौधों का वृहद् पौधरोपण....|....फीफा अध्यक्ष के विशेष निमंत्रण से उर्वशी रौतेला ने रचा इतिहास....|....फीफा के रंग में रंगीं सोनिया बंसल....|....जांजगीर-चांपा में घर में फंदे पर लटकी मिली महिला