मुख्यमंत्री बघेल ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखा पत्र, सीएसआर की राशि को राज्य को अंतरित करने का किया अनुरोध

indiareporterlive
शेयर करे

सीएसआर की राशि उन्हीं जिलों में व्यय हो जो खनन-उद्योग से प्रभावित व कोविड-19 के संक्रमण से प्रभावित हो

मुख्यमंत्री ने कहा: केन्द्र सरकार के इस निर्णय से इकाईयों के आस-पास के नागरिक मूलभूत सुविधाओं से होंगे वंचित

राज्य की खनन परियोजनाओं और औद्योगिक इकाईयों द्वारा प्रधानमंत्री केयर फंड में जमा की गई सीएसआर की राशि को राज्य को अंतरित करने का किया अनुरोध 

पंकज गुप्ता
इंडिया रिपोर्टर लाइव 

रायपुर (छत्तीसगढ़ ) 22 अप्रैल 2020। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर छत्तीसगढ़ की खनन परियोजनाओं और औद्योगिक इकाईयों द्वारा प्रधानमंत्री केयर फंड में जमा की गई सी.एस.आर. की राशि को शीघ्र राज्य सरकार को अंतरित करने हेतु निर्देश देने का अनुरोध किया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा है कि यदि इस राशि का व्यय कोविड-19 के संक्रमण को रोकने अथवा उससे निपटने हेतु ही व्यय किया जाना है, तो राज्य शासन यह सुनिश्चित करेगा कि सीएसआर मद की राशि उन्हीं जिलों में व्यय की जाएगी, जो खनन या औद्योगिक परियोजनाओं से प्रभावित है तथा कोविड-19 के संक्रमण से प्रभावित है।

मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में लिखा है कि खनन परियोजनाओं अथवा औद्योगिक इकाईयों की स्थापना से इकाईयों के निकटवर्ती क्षेत्रों में रहने वालों को भूविस्थापन, प्रदूषण एवं अन्य कारणों से होने वाली कठिनाईयों को देखते हुए सीएसआर फंड की स्थापना की गई है। आप अवगत ही होंगे कि सीएसआर मद से खनन परियोजनाओं और उद्योगों के आसपास के क्षेत्रों में प्रतिवर्ष मूलभूत सुविधाओं के विकास एवं संचालन का कार्य किया जाता है। सीएसआर मद का सर्वाधिक महत्वपूर्ण उद्देश्य औद्योगिक इकाईयों की स्थापना से प्रभावित व्यक्तियों को राहत देना है।

मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि कोविड-19 वायरस के संक्रमण की स्थिति में केन्द्र सरकार द्वारा सभी खनन परियोजनाओं और औद्योगिक इकाईयों को यह निर्देश दिए गए हैं कि वे सीएसआर मद की राशि सीधे ‘‘प्रधानमंत्री केयर फंड’’ में जमा करें। इकाईयों द्वारा उक्त निर्देशों का पालन भी आरंभ हो गया है। केन्द्र सरकार के इस निर्णय से खनन परियोजनाओं और औद्योगिक इकाईयों की स्थापना से प्रभावित व्यक्तियों में असंतोष व्याप्त है। केन्द्र सरकार के इस निर्णय से खनन इकाईयों के आसपास के नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ेगा।

मुख्यमंत्री बघेल ने पत्र में अनुरोध किया है कि राज्य की इकाईयों द्वारा सीएसआर मद की जो राशि प्रधानमंत्री केयर फंड में जमा की गई है, उसे शीघ्र राज्य सरकार को अंतरित करने के निर्देश देने का कष्ट करें। यदि इस राशि का व्यय कोविड-19 के संक्रमण को रोकने अथवा उससे निपटने हेतु ही व्यय किया जाना है तो राज्य शासन यह सुनिश्चित करेगा कि सीएसआर मद की राशि उन्हीं जिलों में व्यय की जाएगी, जो खनन अथवा औद्योगिक परियोजनाओं से प्रभावित है तथा कोविड-19 के संक्रमण से प्रभावित है।

Leave a Reply

Next Post

पालघर: '101 अरेस्ट, 1 भी मुस्लिम नहीं', साधुओं की लिंचिंग पर बोले महाराष्ट्र के गृह मंत्री

शेयर करेइंडिया रिपोर्टर लाइव पालघर । पालघर मॉब लिंचिंग  मामले में बीजेपी को भी उद्धव सरकार को घेरने के लिए मौका मिल गया है। महाराष्ट्र बीजेपी ने मामले में सीआईडी जांच की है। वहीं महाराष्ट्र के गृहमंत्री अनिल देशमुख  ने कहा है कि पालघर हिंसा को धार्मिक रंग दिया जा रहा है, […]

You May Like

कुरुक्षेत्र में धुराला में बिजली के खंभे लगाने का विरोध....|....एमपी में मानसून की विदाई के बाद भी बारिश का दौर....|....सिंदूर खेला के साथ दी इंदौर में मां को विदाई....|.... सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी परीक्षा के प्रवेश पत्र जारी....|.... नई दिल्ली के भारत मंडपम में सजेगा छत्तीसगढ़ का भव्य पवेलियन....|....रामपुर-नोनबिर्रा मार्ग पर भीषण हादसा....|....राशन लेने निकली 7 साल की मासूम बच्ची रहस्यमय ढंग से लापता....|....पुलिस स्मृति दिवस पर सीएम साय ने शहीदों को किया नमन....|....BCCI प्रेसिडेंट बोले- रोहित-विराट का चयन उम्र देखकर नहीं....|....बावुमा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रचा कीर्तिमान