अपराजिता बिल पर केंद्र ने ममता को घेरा, रिजिजू ने तीन साल पुरानी चिट्ठी का हवाला देकर उठाए सवाल

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नई दिल्ली 04 सितंबर 2024। पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से लाए गए दुष्कर्म रोधी विधेयक अपराजिता को लेकर केंद्र सरकार ने हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी डॉक्टर की हत्या पर राजनीति कर रही हैं। इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए। एक्स पर तीन साल पहले ममता बनर्जी को फास्ट ट्रैक और पॉक्सो कोर्ट खोलने को लेकर भेजी गई चिट्ठी साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि 2018 में केंद्र सरकार से दुष्कर्म जैसे अपराधों से निपटने के लिए कड़ा कानून पारित किया था। इसके तहत राज्यों में फास्ट ट्रैक और ई पॉक्सो अदालतें खोली जानी थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि 2019, 2020, 2021 में कई बार संवाद करने और पत्र भेजने के बाद भी तृणमूल कांग्रेस सरकार से कानून लागू करने पर सहमति नहीं जताई। 

उन्होंने कहा कि पत्र में पश्चिम बंगाल में लंबित दुष्कर्म और पॉक्सो मामलों की तत्काल सुनवाई और निपटाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना को लेकर ममता बनर्जी सरकार से हस्तक्षेप की मांग की गई। मगर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। पत्र में यह भी कहा गया कि बंगाल में 20 ई पॉक्सो और 124 फास्ट ट्रैक कोर्ट खोले जाने थे, लेकिन यहां भी बंगाल सरकार की सहमति प्राप्त नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने महिलाओं और बच्चों को न्याय दिलाने के लिए अपने कर्तव्य को अनदेखा किया। एक्स पर किरेन रिजिजू ने ममता बनर्जी को भेजी गई तीन साल पुरानी चिट्ठी भी साझा की। उन्होंने कहा कि डॉक्टर की हत्या गंभीर मामला है। इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाएं। बहुत सख्त कानून जरूरी हैं, लेकिन उसके साथ सख्त कार्रवाई भी जरूरी है। 

क्या है अपराजिता विधेयक
पश्चिम बंगाल विधानसभा ने मंगलवार को सर्वसम्मति से दुष्कर्म रोधी विधेयक पारित कर दिया गया। विधेयक हाल में पारित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 कानूनों और पॉक्सो (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम 2012 के पश्चिम बंगाल में क्रियान्वन में संशोधन करने का प्रस्ताव करता है। इसका मकसद महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा के जघन्य कृत्य की त्वरित जांच करना है। ऐसे मामलों की सुनवाई जल्द से जल्द कराना और सख्त से सख्त सजा दिलवाना है। कोलकाता के सरकारी आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में नौ अगस्त को एक महिला चिकित्सक के साथ कथित दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद सरकार विधेयक लेकर आई है। 

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