
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 17 दिसंबर 2024। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में मंगलवार को कहा कि पश्चिम बंगाल के लिए तटीय सुरक्षा के लिए जो 18 निगरानी नौकाएं मंजूर की गई थीं, उनमें से वर्तमान में कोई भी काम नहीं कर रही हैं। बता दें, प्रश्नकाल के दौरान एक सवाल के जवाब में राय ने तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के केंद्र की कोशिशों के बावजूद हालात पर निराशा जताई। उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्य की बात है कि पश्चिम बंगाल को दी गई सभी 18 नौकाएं खराब पड़ी हुई हैं। उनमें से कोई भी काम नहीं कर रही है। तटीय सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है और राज्यों को केंद्र से मदद लेकर अपनी ओर से भी प्रयास करने चाहिए, ताकि समुद्र तट पर अच्छे से पुलिसिंग हो सके।’
फिर भी सख्ती जारी
उन्होंने कहा कि इन सबके बावजूद तस्करों और अवैध गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि मछुआरे तटीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन चूंकि मछली पकड़ना उनकी आजीविका है, इसलिए उन पर ज्यादा प्रतिबंध नहीं लगाए जा सकते। इसके बजाय, मछुआरों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं, ताकि वे नियमों का पालन करें और अवैध गतिविधियों को रोकें।
तटीय निगरानी को बेहतर बनाने के लिए ये किए गए उपाय
उन्होंने यह भी बताया कि तटीय निगरानी को बेहतर बनाने के लिए कई उपाय किए गए हैं। इनमें मछली पकड़ने वाली बड़ी नौकाओं में ट्रांसपोंडर लगाना और छोटे जहाजों की निगरानी के लिए ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल शामिल है। इसके अलावा, मछली पकड़ने वाली नौकाओं की रंग कोडिंग की जा रही है ताकि अवैध गतिविधियां पहचान सकें।
नशीले पदार्थों की जब्ती 40 फीसदी बढ़ी
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2014 से 2024 के बीच नशीले पदार्थों की जब्ती 40 फीसदी बढ़ी है और अवैध मछली पकड़ने वाली विदेशी नौकाओं की संख्या में भी कमी आई है। उन्होंने कहा कि तस्करी और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए केंद्र प्रतिबद्ध है, लेकिन तटीय राज्यों का सहयोग भी जरूरी है।
राय ने बताया कि पिछले कुछ सालों में जब्त की गई प्रतिबंधित वस्तुओं की मात्रा 7,000 किलोग्राम से बढ़कर 4.15 लाख किलोग्राम हो गई है, जो लगभग 500 गुना ज्यादा है। उन्होंने अवैध मानव प्रवास और विदेशी मछली पकड़ने की गतिविधियों पर भी सुधार की बात की।
300 से अधिक अवैध प्रवासी पकड़े गए
उनके अनुसार, हाल के वर्षों में 319 अवैध प्रवासी पकड़े गए हैं, जबकि पहले यह संख्या बहुत कम थी। इसके अलावा, 2003-2013 के बीच विदेशी मछली पकड़ने वाली नौकाओं की संख्या 623 से घटकर 200 रह गई है। यह आंकड़े तटीय सुरक्षा उपायों की मजबूती को दिखाते हैं।
उन्होंने केंद्र की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि तस्करी और अवैध गतिविधियों से निपटने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल जैसे तटीय राज्यों से अधिक सहयोग की अपील की, ताकि तटीय सुरक्षा मजबूत हो सके।


