
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 29 दिसंबर 2025। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर खेला गया एशेज सीरीज का चौथा टेस्ट सिर्फ दो दिनों में खत्म हो गया, जिसके बाद पिच की प्रकृति को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ गई। 10 मिमी घास वाली इस पिच पर तेज गेंदबाजों का दबदबा साफ दिखा और कुल छह सत्रों में 36 विकेट गिर गए। इंग्लैंड ने 14 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट जीत दर्ज की और चार विकेट से मुकाबला अपने नाम किया। मौजूदा एशेज में अब तक चार में से दो टेस्ट दो दिन में खत्म हुए, जबकि एक टेस्ट चार दिन और एक टेस्ट पांच दिन में खत्म हुआ है। इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के क्रिकेट पंडित उस तरह से पिच को लेकर हमलावर नहीं हुए हैं, जैसा वे भारत आने पर स्पिन पिचों पर मैच दो दिन में खत्म होने पर करते हैं। अश्विन ने इसी को लेकर सवाल उठाए हैं और कहा है कि दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए।
एमसीजी पिच पर क्यों उठे सवाल
मैच में कुल 142 ओवर फेंके गए और हैरानी की बात यह रही कि कोई भी बल्लेबाज अर्धशतक तक नहीं पहुंच सका। सीमर्स ने पूरे मैच में गेंदबाजी की, जिससे यह पिच पूरी तरह से गेंदबाजों के लिए स्वर्ग साबित हुई। इतनी जल्दी टेस्ट खत्म होने के कारण क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) को टिकट रिफंड, मर्चेंडाइज और फूड-बेवरिज बिक्री में करोड़ों के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
अश्विन का अलग नजरिया
जहां कई पूर्व खिलाड़ी और विशेषज्ञ एमसीजी पिच की आलोचना कर रहे हैं, वहीं भारत के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने इस पर संतुलित और अलग राय रखी। अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान अश्विन ने कहा कि वह एमसीजी पिच की आलोचना नहीं करेंगे, क्योंकि दोनों टीमों को एक जैसी परिस्थितियों में खेलना पड़ा।
दोहरे मापदंडों पर सवाल
अश्विन ने हाल ही में ईडन गार्डन्स टेस्ट का उदाहरण देते हुए कहा, ‘भारत में जब पिचों पर सवाल उठते हैं, तो हम खुद अपनी आलोचना करते हैं। लेकिन अन्य देशों के मामले में ऐसा नहीं होता। हाल ही में ईडन गार्डन्स में जो टेस्ट खत्म हुआ, उसे उदाहरण के तौर पर ले लीजिए। हमने खुद यह बात कही थी। इतने साल क्रिकेट खेलने के बाद हम अपनी पिचों की सही तरीके से आलोचना करते हैं, लेकिन दूसरे देश ऐसा नहीं करते। वे अपने बारे में ऊंची-ऊंची बातें करते हैं और हमारे बारे में कमतर बोलते हैं।’
अश्विन के मुताबिक टेस्ट क्रिकेट की असली खूबसूरती विदेशी परिस्थितियों में ढलने की कला है। उन्होंने कहा, ‘ऑस्ट्रेलिया ने शेन वॉर्न और नाथन लियोन जैसे महान स्पिनर दिए, लेकिन न्यूजीलैंड और इंग्लैंड अब तक कोई बड़ा स्पिनर नहीं दे पाए हैं। टेस्ट क्रिकेट की खूबसूरती ही यही है कि आप विदेशी परिस्थितियों में खुद को ढालें। मैं एमसीजी की पिच की भी आलोचना नहीं करूंगा, क्योंकि वह दोनों टीमों के लिए समान थी। इसे देखना मजेदार था, बिल्कुल किसी रेसिंग थ्रिलर फिल्म जैसा। लेकिन मेरा मानना है कि दोहरे मापदंडों से बचना चाहिए।’
सीरीज की स्थिति
ऑस्ट्रेलिया पहले ही शुरुआती तीन टेस्ट जीतकर सीरीज अपने नाम कर चुका है। कंगारू सीरीज में 3-1 से आगे हैं। अब पांचवां और अंतिम टेस्ट चार जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में खेला जाएगा।

