
इंडिया रिपोर्टर लाइव
वर्धा, 24 जुलाई 2026। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में गुरुवार को स्वतंत्रता सेनानी, पत्रकार और समाज सुधारक लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक तथा महान क्रांतिकारी एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने लोकमान्य तिलक एवं चंद्रशेखर आज़ाद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया तथा उनके जीवन और आदर्शों का स्मरण किया तथा उनकी स्मृति में पौधारोपण भी किया गया।
प्रशासनिक भवन में लोकमान्य तिलक के फोटो पर विद्यार्थी कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार ने पुष्प माला अर्पित कर उन्हें अभिवादन किया। इस अवसर पर कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान एवं अन्य अधिकारी तथा कर्मचारियों की उपस्थिति रही।
चंद्रशेखर आज़ाद छात्रावास में विद्यार्थी कल्याण अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार ने उनका स्मरण करते हुए कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद ने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व बलिदान कर दिया। उनका जीवन राष्ट्रभक्ति, साहस और त्याग का अद्वितीय उदाहरण है। उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों से समाज और राष्ट्र के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने तथा विकसित भारत के सपने को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. सुरेंद्र गादेवार ने चंद्रशेखर आज़ाद के स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद करते हुए कहा कि उनका संघर्ष और बलिदान आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है।
मुख्य छात्रावास अधीक्षक डॉ. राजीव रंजन राय ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद का साहस, समर्पण और अदम्य आत्मविश्वास युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। कुलानुशासक डॉ. राकेश मिश्र ने कहा कि चंद्रशेखर आज़ाद भारतीय युवा मन की आवाज़ हैं। उनके विचारों और जीवन संघर्ष को पढ़कर युवा पीढ़ी में जोश, जज़्बा और राष्ट्रसेवा की भावना का संचार होता है। छात्रावास अधीक्षक डॉ. रणंजय कुमार सिंह ने कहा कि हमें अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए चंद्रशेखर आज़ाद द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. श्रीनिकेत मिश्र ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए चंद्रशेखर आज़ाद के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थी अभिषेक कुमार ने किया तथा हर्षवर्धन ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी, शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


