एम्स से आईसीयू से बाहर लाने की तैयारी

इंडिया रिपोर्टर लाइव
गया, 07 सितंबर 2026। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की तबीयत अब पहले से बेहतर बताई जा रही है। प्लेटलेट्स कम होने के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। मांझी के सलाहकार रिजवान दानिश ने बताया कि अब उनकी हालत में सुधार है और उन्हें आईसीयू वार्ड से बाहर लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। डेंगू की पुष्टि होने के बाद उनके प्लेटलेट्स का स्तर गिरकर करीब 35 हजार तक पहुंच गया था।
डेंगू की हुई पुष्टि, प्लेटलेट्स गिरकर 35 हजार पहुंचा
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के स्वास्थ्य को लेकर नया अपडेट सामने आया है। उनके सलाहकार रिजवान दानिश ने बताया कि जांच में मांझी के डेंगू से पीड़ित होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पटना के मेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान इस बीमारी की सही जानकारी नहीं दी गई और जांच में लापरवाही बरती गई। रिजवान दानिश के मुताबिक, दिल्ली में दोबारा जांच कराने पर डेंगू की पुष्टि हुई। इस दौरान जीतन राम मांझी का प्लेटलेट्स स्तर गिरकर करीब 35 हजार तक पहुंच गया था। इसके बाद उन्हें तत्काल दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया।
ICU में रखा गया, अब स्वास्थ्य में सुधार
दिल्ली एम्स में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें आईसीयू वार्ड में रखा था। डॉक्टरों की टीम लगातार उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही थी। इस दौरान प्लेटलेट्स चढ़ाने का इलाज भी किया गया। अब जीतन राम मांझी की हालत में सुधार बताया जा रहा है। उनके सलाहकार रिजवान दानिश ने कहा कि केंद्रीय मंत्री की स्थिति पहले से बेहतर है और उन्हें जल्द ही आईसीयू वार्ड से बाहर लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
मेदांता अस्पताल पर लगाया लापरवाही का आरोप
केंद्रीय मंत्री के सलाहकार रिजवान दानिश ने पटना के मेदांता अस्पताल की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर समय पर सही जांच और इलाज किया जाता तो स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। उन्होंने बताया कि जीतन राम मांझी के स्वस्थ होने के बाद इस मामले में सलाह लेकर मेदांता अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा जाएगा। रिजवान दानिश के मुताबिक, पटना में ही हुई जांच की रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि हो गई थी, लेकिन डॉक्टरों ने उसका इलाज नहीं किया। हालांकि, इन आरोपों को लेकर अभी तक अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में बढ़ी थी चिंता
जीतन राम मांझी के एम्स में भर्ती होने की खबर सामने आने के बाद उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में चिंता बढ़ गई थी। बड़ी संख्या में लोग उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे थे। अब मांझी की तबीयत में सुधार और उन्हें आईसीयू से बाहर लाने की प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी मिलने के बाद समर्थकों ने राहत की सांस ली है। केंद्रीय मंत्री के जल्द पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना की जा रही है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज लगातार जारी है।


