
इंडिया रिपोर्टर लाइव
मुंबई 16 जनवरी 2026। फिल्मों की रिलीज के साथ सोशल मीडिया पर अचानक फैलने वाली नेगेटिविटी आज एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। कई बार रिलीज से पहले ही किसी फिल्म या एक्टर को लेकर माहौल बना दिया जाता है, जिससे लोगों की राय पहले से तय होने लगती है। इसी मुद्दे पर एक्ट्रेस रानी मुखर्जी ने अपने मन की बात रखी है। अमर उजाला डिजिटल से की गई बातचीत में रानी ने इस मुद्दे पर खुलकर बात की है।
ऑडियंस किसी एजेंडे के साथ थिएटर नहीं आती
ऑडियंस हमेशा सही होती है। मैं आज भी यह नहीं मानती कि ऑडियंस किसी एजेंडे के साथ फिल्म देखने आती है। लोग सिनेमाघर खुले दिल से आते हैं। लेकिन आज के दौर में खासकर सोशल मीडिया की वजह से, फिल्मों और कलाकारों को लेकर एक माहौल बना दिया जाता है। कुछ लोग या ऑडियंस का एक छोटा सा हिस्सा जान-बूझकर नेगेटिविटी फैलाता है। इस बात से मैं वाकिफ हूं।
इंसान की फितरत नेगेटिव नहीं होती
मैं दिल से मानती हूं कि कोई भी इंसान नेगेटिव नहीं होना चाहता है। हर कोई अच्छा काम करना चाहता है। हर कोई प्यार करना चाहता है। हर कोई बदले में प्यार पाना चाहता है। इसी सोच के साथ मैं भी आगे बढ़ती हूं।
सोशल मीडिया रिएक्शन पर राय
हां, आज सोशल मीडिया ऐसी जगह बन गया है, जहां लोग सही और गलत समझे बिना तुरंत रिएक्शन दे देते हैं। ऐसे में मैं बस यही दुआ करती हूं कि लोगों को थोड़ी समझ मिले। वह सोशल मीडिया पर एकदम से रिएक्शन की आदत से बचें।
विजडम बेल बटन होना चाहिए
यह मेरा सुझाव है। (हंसते हुए) सोशल मीडिया पर जैसे लाइक और डिसलाइक का बटन होता है, वैसे ही कुछ लिखने या बोलने से पहले एक सोचने वाला बटन (विजडम बेल) भी होना चाहिए। जिससे इंसान एक पल रुककर सोच सके कि वह जो कहने जा रहा है, वो सही है या नहीं।
बेटी को सोशल मीडिया से दूर रखा है
रानी मुखर्जी से जब उनकी बेटी अदिरा के सोशल मीडिया पर होने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ कहा कि बेटी अभी बहुत छोटी है। रानी की बेटी सोशल मीडिया पर नहीं है।


