बढ़ेगी वायुसेना की ताकत: 114 राफेल विमान खरीदने की तैयारी में भारत, देश में ही बनेंगे 80 फीसदी लड़ाकू विमान

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली 06 फरवरी 2026। रक्षा बजट में बढ़ोतरी के बाद भारतीय वायुसेना की ताकत बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने पर चर्चा कर सकती है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के फरवरी के तीसरे सप्ताह में प्रस्तावित भारत दौरे से पहले रक्षा मंत्रालय राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद से जुड़े लगभग 3.25 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर चर्चा कर सकता है। इस प्रस्ताव को पिछले महीने रक्षा खरीद बोर्ड (डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड) से शुरुआती मंजूरी मिल चुकी है।

क्यों है नए लड़ाकू विमानों की है जरूरत?
रक्षा सूत्रों के अनुसार इस प्रस्ताव पर अगले सप्ताह रक्षा मंत्रालय की एक उच्चस्तरीय बैठक में विचार किया जा सकता है। मौजूदा क्षेत्रीय सुरक्षा हालात को देखते हुए यह परियोजना भारतीय वायुसेना की जरूरतों के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है। फिलहाल वायुसेना के पास करीब 30 फाइटर स्क्वाड्रन ही सक्रिय हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 स्क्वाड्रन की है। ऐसे में नए लड़ाकू विमानों की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही है।

सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान-बांग्लादेश और पाकिस्तान-चीन के बीच बढ़ती रणनीतिक नजदीकियों के चलते खतरे की धारणा और मजबूत हुई है। इस पृष्ठभूमि में 4.5 पीढ़ी से उन्नत मल्टीरोल लड़ाकू विमान के रूप में राफेल को वायुसेना की दीर्घकालिक जरूरतों के समाधान के तौर पर देखा जा रहा है।

विमान भारत में होंगे निर्मित
इस प्रस्ताव के तहत खरीदे जाने वाले 114 राफेल विमानों में से करीब 80 प्रतिशत विमानों का निर्माण भारत में किया जाना प्रस्तावित है। इसमें फ्रांसीसी कंपनी डसॉल्ट एविएशन और भारतीय निजी क्षेत्र की कंपनियों के बीच सहयोग होगा। परियोजना के अंतर्गत भारतीय वायुसेना को 88 सिंगल-सीटर और 26 ट्विन-सीटर विमान मिलने की योजना है, जिनमें से अधिकांश निर्माण भारत में ही बनाए जाएंगे। यह सौदा पूरा होने पर भारतीय वायुसेना के पास कुल 150 राफेल विमान हो जाएंगे। इसके अलावा भारतीय नौसेना के पास भी 26 राफेल होंगे, जो खास तौर पर विमानवाहक पोत (एयरक्राफ्ट कैरियर) से उड़ान भरने के लिए अनुकूल होंगे।

क्या है राफेल की खासियत?
राफेल एक अत्याधुनिक 4.5 पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों तरह के मिशनों में सक्षम है। यह अत्याधुनिक रडार, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम, लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों और सटीक हथियार प्रणालियों से लैस है। इसकी मल्टीरोल क्षमता इसे किसी भी मौसम और जटिल परिस्थितियों में प्रभावी बनाती है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 18 फरवरी को दिल्ली में प्रस्तावित एआई समिट में शामिल होने की उम्मीद है, और इससे पहले इस रक्षा सौदे पर चर्चा को अहम माना जा रहा है।

Leave a Reply

Next Post

यूरोपीय संघ के बाद अब खाड़ी देशों के साथ एफटीए करेगा भारत, पीयूष गोयल ने किया बड़ा एलान

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव नई दिल्ली 06 फरवरी 2026। भारत ने यूरोपीय संघ, अमेरिका के बाद एक और बड़े व्यापार समझौता करने की दिशा में पहल की है। भारत और छह पश्चिमी एशियाई देशों के समूह खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत शुरू करने […]

You May Like

जांजगीर-चांपा में घर में फंदे पर लटकी मिली महिला....|....2 लाख रुपए की लूटपाट करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार....|....अस्पताल परिसर में जुआ खेलते 12 जुआरी पकड़े, कार-बाइक समेत लाखों का माल जब्त....|....एक करोड़ के बीमा क्लेम में हेराफेरी....|....छत्तीसगढ़ में अगले सप्ताह तक मानसून रहेगा सक्रिय....|....भारी बरिश के चलते रेल परिचालन प्रभावित....|....सिक्किम की निर्माणाधीन टनल पर लैंडस्लाइड, 10 मजदूरों की मौत....|....पेपर लीक मुद्दे पर राहुल गांधी स्पीकर से मिले....|....लोहिया कॉर्प 23 से निवेशकों के लिए खोलेगी 3,547 करोड़ रुपए का पब्लिक इश्यू....|....23 जुलाई से खुलेगा इंडो एमआईएम का ₹3812 करोड़ का आईपीओ