
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 06 फरवरी 2026। भारत ने यूरोपीय संघ, अमेरिका के बाद एक और बड़े व्यापार समझौता करने की दिशा में पहल की है। भारत और छह पश्चिमी एशियाई देशों के समूह खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर बातचीत शुरू करने के लिए नियम एवं शर्तों पर हस्ताक्षर किए। नियम एवं शर्तों में प्रस्तावित व्यापार समझौते का दायरा और तौर-तरीके बताए गए हैं। केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जीसीसी नियम-शर्तों पर हस्ताक्षर करने के समारोह की अध्यक्षता की। जीसीसी खाड़ी क्षेत्र के छह देशों का एक समूह है। इसमें सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन शामिल हैं। गोयल ने कहा कि यह समझौता हमारे भू-राजनीतिक और व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करेगा, ज्यादा निवेश लाने में मदद करेगा। जीसीसी देशों और भारत में रोजगार के मौके पैदा करेगा और दुनिया को हमारे गहरे संबंधों और ऐतिहासिक दोस्ती का संदेश देगा।
उन्होंने कहा कि करीब एक करोड़ भारतीय जीसीसी क्षेत्र में रह रहे हैं और काम कर रहे हैं। भारत ने मई 2022 में पहले ही संयुक्त अरब अमीरात के साथ एक मुफ्त व्यापार समझौता किया हुआ है। साथ ही भारत और ओमान ने 18 दिसंबर 2025 को मस्कट में एक व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (सीईपीए) पर भी हस्ताक्षर किए थे। ब्यूरो
जीसीसी के साथ वार्ता के दो चरण पूरे
जीसीसी के साथ एफटीए बातचीत शुरू करना एक तरह से वार्ता को फिर से शुरू करना होगा, क्योंकि दोनों क्षेत्रों के बीच बातचीत के पिछले दो चरण 2006 और 2008 में हुए थे। तीसरा चरण नहीं हो पाया क्योंकि जीसीसी ने सभी देशों और आर्थिक समूहों के साथ अपनी बातचीत टाल दी थी। भारत मुख्य रूप से सऊदी अरब और कतर जैसे खाड़ी देशों से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस आयात करता है, जबकि इन देशों को मोती, कीमती और अर्ध-कीमती पत्थर, धातु, नकली गहने, इलेक्ट्रिकल मशीनरी, लोहा और स्टील तथा केमिकल निर्यात करता है।


