
इंडिया रिपोर्टर लाइव
कोलकाता 06 फरवरी 2026। पश्चिम बंगाल के दक्षिण कोलकाता के गोलपार्क इलाके में 1 फरवरी को हुई हिंसा के मामले ने एक बार फिर पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर सियासी घमासान खड़ा कर दिया है। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी सड़कों पर उतरे और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर अपराधियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए। साथ ही मांग की कि इस मामले में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। बता दें कि यह रैली गोलपार्क से शुरू होकर रवींद्र सरोवर तक गई। इसमें सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के बाद शुभेंदु अधिकारी ने रवींद्र सरोवर थाने में एक ज्ञापन भी सौंपा। इतना ही नहीं प्रदर्शन के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने ममता सरकार पर कई गंभीर आरोप भी लगाए।
आरोपी सोना पप्पू को लेकर क्या बोले अधिकारी?
प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि गोलपार्क इलाके में एक स्थानीय अपराधी है, जिसे लोग ‘सोना पप्पू’ के नाम से जानते हैं। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले यह व्यक्ति दिनदहाड़े गोलियां चला रहा था और बम फेंक रहा था, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया। अधिकारी ने आरोप लगाया कि यह अपराधी पूरे इलाके में गुंडाराज चला रहा है। उसे तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेताओं का संरक्षण मिला हुआ है। अधिकारी ने यह भी कहा कि पुलिस जानबूझकर सोना पप्पू के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही।
चुनाव से पहले हिंसा फैलाने का आरोप
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि गोलपार्क हिंसा के मुख्य आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हुए, क्योंकि वे टीएमसी नेताओं के करीबी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ऐसे अपराधियों का इस्तेमाल आगामी विधानसभा चुनावों में वोट लूटने के लिए करना चाहती है। उन्होंने कहा कि बंगाल के कई इलाकों में ऐसे अपराधी खुलेआम जमीन के धंधे पर कब्जा कर रहे हैं, वसूली कर रहे हैं और आम लोगों को डरा रहे हैं। इतना ही नहीं शुभेंदु अधिकारी ने दावा करते हुए कहा कि कुछ महीनों का इंतजार कीजिए। भाजपा बंगाल में शांति लाएगी, जहां लोगों को सड़क पर चलते समय डर नहीं लगेगा।
गोलपार्क इलाके में हिंसा: अब तक की कार्रवाई
गौरतलब है कि बंगाल के दक्षिण कोलकाता के गोलपार्क इलाके में दो गुटों के बीच वर्चस्व की लड़ाई को लेकर बीते 1 फरवरी को हिंसा की खबर सामने आई। इस दौरान देसी बम फेंके गए, गोलियां चलाई गईं। इस घटना में दो लोग घायल हो गए। पुलिस ने इस मामले में अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार किया है, लेकिन भाजपा का कहना है कि असली मास्टरमाइंड अब भी खुले घूम रहे हैं।


