
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 23 सितंबर 2025। भारत और फ्रांस बहुत जल्द असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में मिलकर काम कर सकते हैं। दोनों पक्ष द्विपक्षीय असैन्य परमाणु सहयोग के विभिन्न प्रमुख पहलुओं पर निकट संपर्क में रहने पर सहमत हुए। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने सोमवार को नई दिल्ली में असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में संबंधों की समीक्षा की। इसमें छोटे और उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टरों के क्षेत्र भी शामिल हैं। दोनों ने तीसरे देशों के साथ संयुक्त परियोजनाओं की संभावनाओं का पता लगाया। यह चर्चा असैन्य परमाणु ऊर्जा पर द्विपक्षीय विशेष कार्यबल की बैठक में हुई। इसकी सह-अध्यक्षता विदेश सचिव विक्रम मिस्री और फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय की महासचिव ऐनी-मैरी डेस्कोटेस ने की। दोनों पक्षों ने विभिन्न बैठकों और परामर्शों के जरिये पिछले वर्ष असैन्य परमाणु सहयोग में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा की थी। विदेश मंत्रालय ने कहा, उन्होंने छोटे और उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टरों जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में भागीदारी के महत्व की पुष्टि की।
फरवरी में भारत और फ्रांस ने छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों और उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टरों पर साथ काम करने की मंशा की घोषणा को अंतिम रूप दिया था, जिन्हें डाटा और एआई हब की जरूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण हरित ऊर्जा स्रोत के रूप में देखा जाता है। मिसरी और डेस्कोटेस ने द्विपक्षीय सहयोग में विकास और रक्षा, आतंकवाद-निरोध, नवाचार और प्रौद्योगिकी तथा अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाकर तथा त्रिपक्षीय प्रारूप में तीसरे देशों के साथ सहयोग को आगे बढ़ाकर द्विपक्षीय साझेदारी को मजबूत करने पर भी चर्चा की।


