
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 29 नवंबर 2025। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान बदलते सुरक्षा परिदृश्य के बीच पेशेवर क्षमता और संचालन की तैयारी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के कमांडरों को निरंतर परिवर्तन, नवाचार और रणनीतिक दूरदृष्टि अपनाने की जरूरत है। जनरल चौहान वायुसेना की पश्चिमी वायु कमान (डब्ल्यूएसी) के दो दिवसीय कमांडर्स सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे, जिसका आज समापन हुआ। उन्होंने कहा कि मानसिक और शारीरिक फुर्ती किसी भी बल के लिए क्षमता बढ़ाने के लिए जरूरी है। ऑपरेशनल तैयारियों पर लगातार फोकस बनाए रखना आवश्यक है। सम्मेलन का विषय ‘विकासशील सक्षम भारतीय वायुसेना’ था।
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने सभी वायु योद्धाओं से मिशन, सत्यनिष्ठा और उत्कृष्टता जैसे मूल मूल्यों को बनाए रखने की अपील की। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति वायुसेना की प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वायु योद्धाओं के प्रशिक्षण में निवेश, नेतृत्व कल्याण और जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने वाले कदम उठाए जाने चाहिए, जिससे मनोबल और मिशन की क्षमता बढ़ती है। उन्होंने पश्चिमी वायुकमान के मानवीय राहत कार्यों की भी सराहना की, जो ‘हर काम देश के नाम’ की भावना को दर्शाते हैं। सम्मेलन में पश्चिमी वायु कमान के सभी कमांडरों, सैन्य मामलों के विभाग के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों, नागरिक अधिकारियों और सैन्य क्षेत्र के विशेषज्ञों के बीच गंभीर चर्चा और विचार-विमर्श हुआ। भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा कि आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से आधुनिक वायुसेना देश के संप्रभु हितों की रक्षा के लिए अनिवार्य है।डीआरडीओ की एरो महानिदेशक के. राजलक्ष्मी मेनन ने भविष्य की हवाई निगरानी प्रौद्योगी पर प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन) दी और स्वायत्त हवाई प्रणालियों, लंबी अवधि तक उड़ान भरने वाले प्लेटफॉर्म और अंतरिक्ष-सक्षम आईएसआर की बढ़ती अहमियत की जानकारी दी।


