‘तीनों सेनाएं मिलकर लड़ेंगी’, वायुसेना के अधिकारी बोले- बिना रुकावट तालमेल जरूरी

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली 07 फरवरी 2026। भारत की रक्षा तैयारियों को भविष्य के युद्ध के हिसाब से मजबूत करने के लिए नई दिल्ली में उच्चस्तरीय संयुक्त ऑपरेशन सम्मेलन आयोजित किया गया। इस दो दिवसीय रक्षा सम्मेलन में थल, वायु और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मकसद बदलते युद्ध स्वरूप के बीच तीनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना और संयुक्त लड़ाकू क्षमता को मजबूत करना रहा। सम्मेलन में इंटीग्रेटेड वॉरफाइटिंग यानी संयुक्त युद्ध संचालन को भविष्य की जरूरत बताया गया।

क्या है संयुक्त ऑपरेशन सम्मेलन का उद्देश्य?
यह सम्मेलन 5 और 6 फरवरी को आयोजित किया गया। इसकी मेजबानी पश्चिमी वायु कमान मुख्यालय ने की। रक्षा मंत्रालय के अनुसार इसका उद्देश्य ऑपरेशन स्तर पर सेनाओं के भीतर और सेनाओं के बीच तालमेल को गहरा करना है। आज का युद्ध केवल जमीन या आसमान तक सीमित नहीं है। अब युद्ध कई क्षेत्रों में एक साथ लड़ा जाता है। इसे मल्टी-डोमेन वातावरण कहा जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए संयुक्त तैयारी पर जोर दिया गया।

वायुसेना अधिकारियों ने क्या कहा
पश्चिमी वायु कमान के वरिष्ठ वायु स्टाफ अधिकारी एयर मार्शल जे एस मान ने कहा कि आज और आने वाले समय के युद्ध में संयुक्तता सबसे जरूरी है। उन्होंने कहा कि एयर, लैंड, सी, स्पेस और साइबर डोमेन के बीच बिना रुकावट तालमेल जरूरी है। इससे कठिन परिस्थितियों में भी निर्णायक नतीजे हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने सेवाओं के बीच बेहतर इंटरऑपरेबिलिटी, तेज निर्णय प्रक्रिया और सेंसर से हथियार तक त्वरित लिंक मजबूत करने पर जोर दिया।

इंटीग्रेटेड प्लानिंग और खुफिया साझाकरण पर फोकस
चीफ ऑफ इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित ने संयुक्त योजना, खुफिया जानकारी साझा करने और क्षमता प्राथमिकता तय करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि तीनों सेनाओं के बीच एक जैसी सोच और समन्वित प्रतिक्रिया जरूरी है। भविष्य की आपात स्थितियों के लिए पहले से तैयारी और क्षमता की कमी की पहचान जरूरी है। उन्होंने त्रि-सेवा संसाधनों के बेहतर उपयोग और संयुक्त रणनीतिक तैयारी पर जोर दिया।

ऑपरेशन सिंदूर से मिले सबक
पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा ने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर से मिले सबकों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भविष्य के युद्ध में एयर पावर की भूमिका निर्णायक होगी। जमीनी अभियान और हवाई हमलों के बीच तालमेल जरूरी है। स्टैंड ऑफ हथियारों के इस्तेमाल को रणनीतिक बढ़त बताया गया। उन्होंने 1971 जैसे पुराने नुकसान आधारित मॉडल से हटकर तेज, लचीले और पूरी तरह संयुक्त युद्ध मॉडल अपनाने की बात कही।

Leave a Reply

Next Post

पीएम मोदी आज जाएंगे मलयेशिया: द्विपक्षीय रिश्ते होंगे मजबूत, ऐतिहासिक स्वागत से रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव नई दिल्ली 07 फरवरी 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7 फरवरी को दो दिवसीय आधिकारिक दौरे पर मलयेशिया जाएंगे। इस दौरे को भारत-मलयेशिया संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री के स्वागत में मलयेशिया में भारतीय समुदाय का 800 कलाकारों की सामूहिक […]

You May Like

रूस ने भारत को दिया Su-57 का ऑफर: राष्ट्रपति पुतिन बोले- मिलकर करेंगे काम, कोई नहीं रोक सकता....|....बंगाल में एनआईए का बड़ा एक्शन, बम विस्फोट मामले में टीएमसी का पूर्व विधायक गिरफ्तार....|....झांसी के होटल में खूनी खेल: पुरानी रंजिश में चाचा-भतीजे पर धारदार हथियार से हमला, एक की मौत... दूसरा गंभीर....|....ईरान-अमेरिका के बीच मिसाइल हमलों का कम्पीटीशनः  IRGC बोला- दुश्मन के कई ठिकाने उड़ाए, यूएस ने भी.......|....टोरंटो में भारतीय उत्सव से दुनिया में छिड़ा विवाद, "कनाडा पर इंडिया का कब्जा..." टिप्पणी से मचा बवाल....|....मोरबी में दर्दनाक सड़क हादसा: आप नेता समेत पांच लोगों की मौत, दो की हालत गंभीर; कार के उड़े परखच्चे....|....पीओके में तैनात किए जाएंगे 14 हजार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी, लोगों में बढ़ी चिंता....|....युद्धविराम के बीच फिर भड़का तनाव, हिजबुल्ला ने इस्राइली लड़ाकू विमानों पर दागीं मिसाइलें....|....'परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में नहीं तेहरान': ट्रंप का बड़ा दावा- लगभग खत्म हो चुकी है ईरान की मिसाइल ताकत....|....यूएन में पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर का राग; भारत ने लगाई कड़ी फटकार, बोला- ये झूठ फैलाने का मंच नहीं