पश्चिम बंगाल में सीआरपीएफ के हवाले होंगे अति संवेदनशील बूथ, खुफिया सूचना पर आदेश जारी

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इंडिया रिपोर्टर लाइव

कोलकाता 21 अप्रैल 2026। पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने के केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (सीएपीएफ) को अहम जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। 23 अप्रैल को 152 निर्वाचन क्षेत्रों में पहले चरण का मतदान होना है। इससे पहले राज्य में खुफिया एजेंसी और निर्वाचन आयोग ने मिलकर एक सर्वे रिपोर्ट तैयार की है। इसमें उन अति संवेदनशील बूथों की पहचान की गई है, जहां पर हिंसा या मतदान प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश हो सकती है। ऐसे सभी बूथों को अब देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल सीआरपीएफ के हवाले किया जा रहा है। किसी बूथ पर कोई दूसरा बल या लोकल पुलिस तैनात करने का आदेश जारी किया गया है तो उसे तुरंत वापस लिया जा रहा है।  पश्चिम बंगाल के अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर ने 18 अप्रैल को एडीजी ‘लीगल’ एंड स्टेट पुलिस नोडल ऑफिसर (एसपीएनओ), आईजी सीआरपीएफ एवं पश्चिम बंगाल स्टेट पुलिस कोऑर्डिनेटर और सभी जिलों के निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि अति संवेदनशील बूथों पर केवल सीआरपीएफ को ही तैनात किया जाएं। प. बंगाल की सड़कों पर सीआरपीएफ के मार्क्समैन बुलेटप्रूफ बख्तरबंद वाहन गश्त कर रहे हैं।

कई स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्रित
अतिरिक्त चीफ इलेक्ट्रॉल ऑफिसर के पत्र में कहा गया है कि बूथों की स्थिति को लेकर कई स्त्रोतों से खुफिया जानकारी एकत्रित की गई है। इसके अलावा अति संवेदनशील बूथों की एक सूची तैयार कराई गई है। मौजूदा चुनाव में जो खुफिया अलर्ट मिल रहे हैं, उनके साथ उक्त सूची का मिलान किया गया है। ऐसे में जितने भी अति संवेदनशील बूथ, जहां पर हिंसा होने या मतदान प्रक्रिया को बाधित किए जाने की आशंका है, वहां केवल सीआरपीएफ ही तैनात होगी।

पश्चिम बंगाल में चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हों, इसके लिए विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल को मजबूत किया जा रहा है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रदर्शन के लिए देश के चार केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के प्रमुखों ने कोलकाता में एक उच्चस्तरीय बैठक की है। उसमें सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी के महानिदेशक मौजूद रहे। सीआईएसएफ डीजी प्रवीर रंजन ने कहा, जवानों और अधिकारियों को ‘वन इलेक्शन फोर्स’ बनकर ड्यूटी करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। सभी केंद्रीय बलों का प्राथमिक उद्देश्य एक स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव संपन्न कराना है, जिसमें प्रत्येक नागरिक बिना किसी भय या दबाव के अपने मताधिकार का प्रयोग कर सके।

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