
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 07 जुलाई 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ से सम्मानित किया। यह सम्मान भारत और इंडोनेशिया के मजबूत होते रणनीतिक और कूटनीतिक रिश्तों का प्रतीक माना जा रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी उन विश्व नेताओं में शामिल हो गए हैं, जिन्हें 30 से अधिक देशों ने अपने सर्वोच्च या प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों से नवाजा है। सम्मान मिलने के बाद प्रधानमंत्री ने इसे अपना नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों का सम्मान बताया। प्रधानमंत्री मोदी तीन देशों की यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया पहुंचे हैं। जकार्ता में राष्ट्रपति भवन इस्ताना मर्देका में उनका भव्य स्वागत किया गया। राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने औपचारिक समारोह में उन्हें ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ सम्मान प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति भवन के अतिथि पुस्तिका पर हस्ताक्षर भी किए। उन्होंने सोशल मीडिया पर स्वागत के लिए इंडोनेशिया का आभार जताते हुए लिखा कि इस्ताना मर्देका में मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद। यह यात्रा भारत की एक्ट ईस्ट नीति, महासागर विजन और मुक्त, समावेशी एवं खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
क्या है ‘बिंतांग आदिपूर्णा’ और क्यों माना जाता है सबसे बड़ा सम्मान?
‘बिंतांग रिपब्लिक इंडोनेशिया आदिपूर्णा’ इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। इसकी स्थापना वर्ष 1959 में की गई थी। यह सम्मान उन लोगों को दिया जाता है, जिन्होंने इंडोनेशिया की एकता, समृद्धि, निरंतरता और राष्ट्रीय हितों के लिए असाधारण योगदान दिया हो। यह सम्मान नागरिकों के साथ-साथ सैन्य क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी दिया जा सकता है। विदेशी नेताओं को यह सम्मान केवल विशेष योगदान और दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए प्रदान किया जाता है। इसी कारण इसे इंडोनेशिया का सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान माना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मान मिलने के बाद क्या कहा?
सम्मान ग्रहण करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका नहीं, बल्कि भारत के करोड़ों लोगों का है। उन्होंने कहा कि यह भारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक, गहरे और भरोसेमंद संबंधों का सम्मान है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, इंडोनेशिया सरकार और वहां की जनता का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की मित्रता आने वाले समय में और मजबूत होगी तथा यह सम्मान दोनों देशों के लोगों के बीच विश्वास और सहयोग का प्रतीक है।


