
इंडिया रिपोर्टर लाइव
रायपुर, 19 अगस्त 2026। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों की बिना सहमति रैप वॉक करवाने की घटना बेहद निंदनीय और महिला सम्मान को शर्मसार करने वाली है। यह केवल एक कार्यक्रम का मामला नहीं, बल्कि उन महिलाओं के आत्मसम्मान, निजता और गरिमा के साथ खिलवाड़ है, जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए। यदि महिलाओं को उनकी इच्छा के विरुद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया, धमकाया गया, गाली-गलौज की गई अथवा दबाव डालकर रैप वॉक करवाया गया, तो इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और आयोजनकर्ताओं पर कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जानकारी सामने आ रही है कि आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों को सुकमा कैंप से जगदलपुर में सिलाई प्रशिक्षण के नाम पर ले जाया गया, लेकिन उन्हें कथित तौर पर गुमराह कर रायपुर लाया गया। इसके बाद रैप वॉक के लिए कई दिनों तक प्रशिक्षण देने और आपत्ति करने वाली महिलाओं पर दबाव बनाने की बात सामने आई है। अगर यह सच है तो यह पुनर्वास नहीं, बल्कि पुनः शोषण है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा नक्सलवाद खत्म करने का श्रेय लेने और इवेंट के जरिए अपनी पीठ थपथपाने की होड़ में सरकार ने आत्मसमर्पित महिलाओं को इंसान नहीं, प्रदर्शन की वस्तु समझ लिया। जिन महिलाओं को सम्मान और सुरक्षित पुनर्वास मिलना चाहिए था, उनके आत्मसम्मान को ही कुचल दिया गया।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार को यह जवाब देना होगा कि महिला सम्मान के बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार के राज में आत्मसमर्पित महिलाओं की सहमति और निजता का सम्मान क्यों नहीं हुआ? क्या सरकार के लिए आत्मसमर्पित महिलाएं सिर्फ फोटो और प्रचार का साधन हैं?
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि आत्मसमर्पित नक्सली पुनर्वास योजना का लाभ नहीं मिलने और सरकार पर धोखाधड़ी के आरोप भी लगा रहे हैं। पहले नक्सली संगठन डर और दबाव के जरिए महिलाओं का शोषण करते रहे और अब मुख्यधारा में लौटने के बाद यदि सरकारी तंत्र भी दबाव और भय का इस्तेमाल कर रहा है, तो यह बेहद गंभीर और शर्मनाक स्थिति है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार प्रचार और इवेंट से नक्सलवाद के खिलाफ अपनी सफलता का ढोल पीट सकती है, लेकिन महिलाओं की गरिमा को कुचलकर कोई सुशासन साबित नहीं किया जा सकता। कांग्रेस मांग करती है कि पूरे मामले की तत्काल जांच हो, पीड़ित महिलाओं के बयान स्वतंत्र एवं सुरक्षित माहौल में लिए जाएं और जबरन रैप वॉक करवाने, धमकाने या मानसिक उत्पीड़न के दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। महिलाओं के सम्मान से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आत्मसमर्पित महिलाओं का पुनर्वास उनका अधिकार है, उन्हें प्रचार का खिलौना बनाना नहीं।


