विदेश मंत्रालय ने कहा- 300 से ज्यादा भारतीय अभी भी लापता

इंडिया रिपोर्टर लाइव
काठमांडू, 27 अगस्त 2026। नेपाल में बुधवार को आई भयंकर त्रासदी में मृतकों का आंकड़ा 150 के पार पहुंच गया है। तिब्बत सीमा पर अचानक आई बाढ़ अपने रास्ते में सबकुछ बहाकर ले गई। इस बाढ़ में कई पुल, हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट तबाह हो गए। एक हजार के करीब लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं और इनमें 133 भारतीय भी शामिल हैं।
नेपाल बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 177 हो गया है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने 826 लोगों के लापता होने की पुष्टि की है, जिनमें 300 से ज्यादा भारतीय हैं। केरल सरकार की एजेंसी NORKA रूट्स ने कहा है कि नेपाल की बाढ़ में केरल के 53 लोग फंसे हुए हैं। NORKA रूट्स, विदेश में रहने वाले केरल के लोगों के मामलों और कल्याणकारी सेवाओं का कामकाज देखती है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में NORKA रूट्स के CEO राजेश माधवन ने बताया, ‘इससे हमने लगभग 53 केरलवासियों की पहचान की, जिनमें परिवार के सदस्य, वयस्क और बच्चे शामिल हैं।’ माधवन ने बताया कि NORKA रूट्स के पास इन सभी 53 लोगों के संपर्क नंबर हैं, लेकिन नेटवर्क की समस्या के कारण अभी उनसे सीधे संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा, ‘हम अभी तक सीधे संपर्क नहीं कर पाए हैं, लेकिन हमें सामान्य तौर पर यह पता है कि वे सुरक्षित हैं।’
नेपाल में आई तबाही पर संघ ने जताया दुख, मदद के लिए बढ़ाए हाथ
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने नेपाल में आई तबाही पर गहरा दुख जताया है। साथ ही संगठन ने नेपाल की हरसंभव मदद की भी पेशकश की है। संघ ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर नेपाल की त्रासदी पर दुख जताया। साथ ही कहा हम पीड़ितों की मदद के लिए तैयार हैं और हरसंभव मदद करने का प्रयास करेंगे। दरअसल तिब्बत में एक ग्लेशियर ने टूटकर भोटेकोशी नदी की सहायक ल्हेंदे नदी के प्रवाह को रोक दिया। इससे एक झील बनी, जो पानी के दबाव में टूटकर नेपाल-चीन बॉर्डर पर स्थित रसुवागढ़ी में भारी तबाही लाई।
तमिलनाडु सरकार ने विधानसभा में दी लापता लोगों की जानकारी
तमिलनाडु के मंत्री राजमोहन ने विधानसभा को बताया कि सरकार बचाव कार्य और तमिलनाडु के मानसरोवर यात्रा तीर्थयात्रियों की स्थिति पर नजर रख रही है, और 20 तीर्थयात्रियों को वापस लाने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। मंत्री राजमोहन ने कहा कि चेन्नई की एक टूर एजेंसी 57 लोगों के अलावा 49 तीर्थयात्रियों को भी मानसरोवर यात्रा पर ले गई थी, और उनके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है।
नेपाल की मदद के लिए आगे आए दुनिया के कई देश
नेपाल में आई बाढ़ से भारी तबाही हुई है। ऐसे में दुनिया के कई देश नेपाल की मदद के लिए आगे आए हैं। भारत ने बड़ी संख्या में राहत सामग्री नेपाल रवाना की है। वहीं अमेरिका ने नेपाल की आर्थिक मदद करने का एलान किया है। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र भी नेपाल सरकार के साथ मिलकर नेपाल में राहत और बचाव अभियान चला रहा है। यूरोपीय संघ ने भी नेपाल की मदद की पेशकश की है।
नेपाल बाढ़ पर दुनियाभर के नेताओं ने जताया शोक, हर संभव मदद को लेकर दिखाई एकजुटता
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में अब तक 162 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सुरक्षाकर्मियों और पर्यटकों समेत सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। इस त्रासदी को लेकर दुनियाभर के नेताओं ने दुख जताते हुए नेपाल और पीड़ित लोगों के साथ एकजुटता जाहिर की। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने त्रासदी को लेकर गहरा दुख जताते हुए यूरोप की ओर से अधिक से अधिक सहायता की बात कही।
यूरोपीय संघ की अध्यक्ष ने जताया दुख
अध्यक्ष उर्सुला वॉन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, ‘नेपाल और चीन में आई विनाशकारी बाढ़ ने कई समुदायों को बुरी तरह प्रभावित किया है। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जो इस आपदा से प्रभावित हुए हैं, खासकर उन परिवारों के साथ जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है या जो अब भी उनके बारे में किसी खबर का इंतजार कर रहे हैं। हम उन बहादुर राहत और बचाव कर्मियों को भी याद कर रहे हैं जो कठिन परिस्थितियों में लोगों की मदद कर रहे हैं।’
उन्होंने बताया कि नेपाल में प्रभावित इलाकों का नक्शा तैयार करने और जमीनी स्तर पर राहत कार्यों में सहायता देने के लिए कोपरनिकस प्रणाली को सक्रिय किया गया है। यूरोपीय संघ जरूरत पड़ने पर और अधिक सहायता देने के लिए भी तैयार है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बोले- राहत और बचाव कार्यों में सहयोग कर रहे
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ‘एक्स’ पोस्ट में कहा, ‘नेपाल और चीन में आई भीषण बाढ़ से मुझे गहरा दुख हुआ है। इस आपदा में कई लोगों की जान गई है, कई लोग लापता हैं और बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। मैं मृतकों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इस आपदा से प्रभावित सभी लोगों के प्रति मेरी पूरी एकजुटता और सहानुभूति है।’
नेपाल में संयुक्त राष्ट्र सरकार के नेतृत्व में चलाए जा रहे राहत और बचाव प्रयासों में सहयोग कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र की टीमें और मानवीय सहायता से जुड़े साझेदार संगठन बाढ़ प्रभावित समुदायों की मदद के लिए राहत सामग्री और कर्मियों को तेजी से जुटा रहे हैं।
नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसन ने भी इस आपदा पर गहरा दुख जताते हुए ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, ‘नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित सभी लोगों के प्रति हमारी संवेदनाएं हैं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है, उनके प्रति हम गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हैं। वहीं, जो लोग अपने परिवार या करीबी लोगों की खबर का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें हम हिम्मत और शक्ति की कामना करते हैं। हम कठिन परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्य कर रहे नेपाली अधिकारियों और आपदा राहतकर्मियों के प्रयासों की सराहना करते हैं। हम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, जिसमें प्रभावित क्षेत्र में मौजूद डच नागरिकों की स्थिति भी शामिल है।’
जापान की प्रधानमंत्री ने भी संवेदनाएं जाहिर कीं
वहीं, जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने भी नेपाल बाढ़ त्रासदी पर दुख व्यक्त किया। तकाइची ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, ‘नेपाल में आई व्यापक बाढ़ के मद्देनजर, मैं नेपाल सरकार और नेपाल की जनता के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त करती हूं। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पांच जापानी नागरिक लापता हैं, जो मेरे लिए गहरी चिंता का विषय है। नेपाल स्थित जापानी दूतावास ने उनसे संपर्क करने की कई कोशिशें की हैं, लेकिन अब तक संपर्क नहीं हो पाया है। दूतावास ने उनकी तलाश में सहायता का अनुरोध भी किया है।’


