समर्थकों ने माला पहनाकर किया स्वागत

इंडिया रिपोर्टर लाइव
लखनऊ, 27 अगस्त 2026। मौलाना इरफान अहमद रिजवी की हत्या की साजिश के मामले में गिरफ्तार तीन आरोपी 24 घंटे के भीतर जमानत पर जेल से बाहर आ गए। जेल से रिहा होने के बाद समर्थकों ने तीनों का माला पहनाकर स्वागत किया। इसके बाद आरोपी तीन गाड़ियों के काफिले के साथ अपने घर पहुंचे और इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया। वीडियो में फिल्मी अंदाज में गाना भी लगाया गया-‘अब अपनी क्या तारीफ करूं… ऊपर वाले से मैं डरूं।’
पुलिस के मुताबिक, आरोपी फरहान सिद्दीकी, सोहेल अहमद सिद्दीकी और अमन कुरैशी को ACJM-3 कोर्ट से जमानत मिली है। पुलिस सूत्रों का दावा है कि जमानत मंजूर करने से पहले केस डायरी या पुलिस रिपोर्ट नहीं मांगी गई। साथ ही पुलिस का पक्ष रखने के लिए नोटिस नहीं दिया गया और बेल बॉन्ड का सत्यापन भी नहीं हुआ। इस मामले में आरोपियों के तीन अन्य साथी अभी जेल में हैं। पुलिस के अनुसार मौलाना इरफान अहमद रिजवी की हत्या के लिए फरहान और सोहेल ने अमन कुरैशी के माध्यम से दो लाख रुपये में दो शूटर हायर किए थे। पुलिस ने मामले की जांच के बाद कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया था। बताया जा रहा है कि तीनों आरोपियों को पहले ACJM-2 कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार फरहान सिद्दीकी के खिलाफ आठ और सोहेल अहमद सिद्दीकी के खिलाफ छह मुकदमे दर्ज हैं। ADCP जितेंद्र दुबे ने कहा कि यह न्यायालय का आदेश है और इस पर अधिक टिप्पणी करना संभव नहीं है।
जानिए पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक 18 अगस्त को मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद जमीर को चोरी की मोटरसाइकिल, एक अवैध पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में दोनों ने कथित तौर पर बताया कि अमन कुरैशी ने उन्हें एक व्यक्ति की फोटो दिखाकर उसकी हत्या करने के लिए भेजा था। इसके बाद मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने फरार आरोपी अमन कुरैशी को 21 अगस्त की तड़के लक्ष्मण मेला पार्क से गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही और पूछताछ के आधार पर कथित साजिश में शामिल सोहैल अहमद सिद्दीकी, मोहम्मद फरहान सिद्दीकी और बिलाल हाशमी को भी बैकुंठधाम बंधा रोड क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि मदरसा जामिया अलनूर अल सलामिया, मकबूल नगर फरीदीपुर से जुड़ी प्रापर्टी को हथियाने के उद्देश्य से हत्या की योजना करीब एक महीने से बनाई जा रही थी। आरोप है कि वारदात के लिए दो लाख रुपये की सुपारी तय की गई और शूटरों को पिस्टल, कारतूस, चोरी की बाइक तथा अलग की-पैड मोबाइल और सिम उपलब्ध कराए गए, ताकि घटना के बाद आरोपियों तक आसानी से न पहुंचा जा सके।


