आरोपियों को पकड़ेगी एसआईटी

इंडिया रिपोर्टर लाइव
वाराणसी, 27 अगस्त 2026। देश भर के 143 लोगों से 116 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने एसआईटी गठित की है। डीसीपी साइबर क्राइम नीतू कादयान के नेतृत्व में सात सदस्यीय गठित एसआईटी का प्रमुख एसीपी साइबर विनय द्विवेदी को बनाया गया है।
कमिश्नरेट पुलिस ने साइबर क्राइम के सबसे बड़े गिरोह के पर्दाफाश के लिए लखनऊ साइबर मुख्यालय से भी संपर्क साधा है। अब तक की छानबीन में सामने आया कि गिरोह ने उत्तर प्रदेश, बिहार-झारखंड के साथ ही मुंबई, तमिलनाडु, दिल्ली, हरियाणा समेत अन्य राज्यों में साइबर ठगी की है। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने बताया कि गिरफ्तार चार आरोपियों नितिन पांडेय, दुष्यंत सिंह, हिमांशु झा व मो. रेहान के जेल जाने के बाद से एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायतों की बाढ़ है।
देश के विभिन्न राज्यों के 150 लोगों ने पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा रखी है। पता लगाया जा रहा है कि कितने लेयर पर यह गिरोह संचालित है। पैसा कहां से आ रहा और कहां जा रहा है। इस पूरे गिरोह में कितने लोगों की संलिप्तता है। साइबर क्राइम टीम ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से संदिग्धों को चिह्नित किया है। इस बार ऊपरी स्तर पर गिरफ्तारियां होंगी।
एसआईटी पता लगाएगी कि आरोपियों के पास कितनी चल-अचल संपत्तियां हैं। नए कानून के तहत पुलिस अब अपराध से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त करेगी। जेल में बंद आरोपियों और वांछित पर गैंगस्टर की भी कार्रवाई की जानी है। सामनेघाट निवासी प्रतीक तिवारी उर्फ बंटी और रोमिल वर्मा की गिरफ्तारी के लिए साइबर क्राइम सेल दबिश दे रही है। आरोपियों के बैंकों की डिटेल, मोबाइल सीडीआर खंगाले गए। सर्विलांस सेल की टीम भी सक्रिय है। वाराणसी से और भी गिरफ्तारी होनी है।
बिहार रोहतास के मूल निवासी और चितईपुर के करौंदी में रहने वाले नीतीश पांडेय, दुर्गाकुंड के कबीरनगर निवासी दुष्यंत सिंह, भेलूपुर के शिवाला निवासी मो. रेहान और सिगरा के छित्तूपुर निवासी हिमांशु झा को साइबर क्राइम सेल और चेतगंज पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार किया था। सभी जेल में हैं। आरोपियों ने देश भर में 143 लोगों को फर्जी फर्म के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर गेमिंग और सट्टेबाजी के पैसे घुमाए। लॉकडाउन के बाद से आरोपियों ने गिरोह से जुड़कर साइबर ठगी शुरू की है।
म्यूल एकाउंट से कैसे बचे, कहां करें शिकायत
पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने अपील की है कि बैंक खाता, डेबिट कार्ड, पासबुक या इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। कमीशन या आसान कमाई के लालच में आकर कभी भी अपने खाते को इस्तेमाल करने के लिए न दें। यह कानूनी रूप से अपराध है। घर बैठे आसानी से पैसे कमाने या वर्क-फ्रॉम-होम वाली उन नौकरियों के ऑफर स्वीकार न करें, जिनमें कंपनी आपसे अपने खाते में पैसे मंगवाकर दूसरे खातों में ट्रांसफर करने को कहे। अपनी बैंक डिटेल, पिन, पासवर्ड या ओटीपी किसी भी अनजान व्यक्ति या कॉलर को न बताएं। इसकी शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) या स्थानीय पुलिस के साइबर क्राइम सेल में तुरंत दर्ज करें। ठगी पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। एक से डेढ़ घंटे गोल्डन आवर में शिकायत पर रकम रिकवरी की संभावनाएं बढ़ जाती हैं।

