बोलीं- नेताओं के बीच बढ़ती कटुता देशहित में नहीं

इंडिया रिपोर्टर लाइव
लखनऊ, 27 अक्टूबर 2026। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने भारतीय राजनीति में बढ़ती कटुता, आपसी अविश्वास और आरोप-प्रत्यारोप पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी का स्तर अब व्यक्तिगत टिप्पणियों, अमर्यादित भाषा, जातिवाद और हिंसक बयानों तक पहुंचना दुखद है। इससे देश की गरिमा और राजनीतिक व्यवस्था पर जनता के भरोसे को नुकसान पहुंच सकता है।
मायावती ने कहा कि शीर्ष पदों पर बैठे नेताओं को एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए। आपत्तिजनक और विषैली राजनीति को किसी भी स्तर पर बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संकीर्ण और गरीब-विरोधी स्वार्थों से प्रेरित राजनीति के कारण लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास कमजोर होना देश और जनहित में नहीं है।
जनता की समस्याओं पर ध्यान देने की जरूरत
बसपा प्रमुख ने कहा कि सरकारी स्तर पर भ्रष्टाचार और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों के बीच नेताओं के बीच आपसी टकराव से राजनीतिक माहौल और खराब हो रहा है। जनता चाहती है कि राजनीतिक दल गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई जैसी गंभीर समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करें।
अमर्यादित बयानबाजी से बचने की अपील
मायावती ने कहा कि राजनीतिक दलों और उनके नेताओं के बीच अशोभनीय टिप्पणियों और बयानबाजी की बढ़ती होड़ से माहौल और कड़वा होगा। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से इस पर गंभीरता से विचार करने तथा सार्वजनिक संवाद में मर्यादा बनाए रखने की अपील की।


