2000 लोगों तक पहुंचेगी मदद

इंडिया रिपोर्टर लाइव
माइकोलाइव, 27 अक्टूबर 2026। रूस और यूक्रेन के बीच मंगलवार तड़के स्थानीय स्तर पर संघर्षविराम लागू हो गया। यह कदम अमेरिकी प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप के नेतृत्व में चलाए जा रहे मानवीय सहायता अभियान से पहले उठाया गया है। यूक्रेन के समयानुसार संघर्षविराम सुबह तीन बजे शुरू हुआ। इसका उद्देश्य इस सप्ताह के अंत में दक्षिणी यूक्रेन के रूस के कब्जे वाले ओलेश्की शहर में राहत सामग्री पहुंचाने का रास्ता तैयार करना है।
मेलानिया ट्रंप के कार्यालय के मुताबिक, संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों से मुलाकात के बाद उन्होंने रूस और यूक्रेन के नागरिक वार्ताकारों के साथ बातचीत का नेतृत्व किया। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने उन्हें शहर के हालात की जानकारी दी थी। संघर्षविराम शनिवार तक जारी रहने की उम्मीद है। जरूरत पड़ने पर इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है। हालांकि, रूस और यूक्रेन के बीच गहरे अविश्वास के कारण पहले भी संघर्षविराम की कोशिशें सफल नहीं हो सकी हैं।
ओलेश्की में फंसे करीब 2000 लोग
संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, ओलेश्की में करीब 2000 लोग फंसे हुए हैं। वहां भोजन और दवाओं का भंडार लगातार कम हो रहा है। इलाके में बारूदी सुरंगों और ड्रोन हमलों के खतरे के कारण लोग शहर छोड़कर नहीं जा पा रहे हैं। राहत अभियान से जुड़े वार्ताकारों ने बताया कि लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए गलियारे खोलने से पहले ओलेश्की में डॉक्टरों, दवाओं, भोजन और पानी की आपूर्ति पहुंचाई जाएगी।
खेरसॉन क्षेत्र में स्थित है ओलेश्की
ओलेश्की आंशिक रूप से रूस के कब्जे वाले खेरसॉन क्षेत्र में स्थित है। यह यूक्रेन की राजधानी कीव से करीब 550 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में है। यहां नीपर नदी रूस और यूक्रेन की सेनाओं के बीच सीमा का काम करती है। रूस की सेना ने 2022 में यूक्रेन पर बड़े पैमाने पर हमला शुरू करने के पहले ही दिन ओलेश्की पर कब्जा कर लिया था। जून 2023 में बांध टूटने के कारण आई बाढ़ ने शहर में तबाही मचाई थी। ओलेश्की, खेरसॉन शहर के सामने नीपर नदी के दूसरी ओर स्थित है। खेरसॉन क्षेत्र की प्रशासनिक राजधानी इस शहर पर रूसी सेना ने 2022 में हमले के शुरुआती दिनों में कब्जा कर लिया था। हालांकि, कुछ महीने बाद रूसी सेना नदी के दूसरी ओर पीछे हट गई थी।
अगले महीने फिर हो सकती है शांति वार्ता
मानवीय सहायता अभियान की योजना रूस और यूक्रेन के बीच अगले महीने होने वाली संभावित वार्ता से पहले बनाई गई है। अमेरिका की मध्यस्थता में होने वाली इन वार्ताओं का उद्देश्य साढ़े चार साल से अधिक समय से जारी युद्ध को समाप्त करने का रास्ता तलाशना है।


