सोना-चांदी से कारों तक जमकर खरीदारी, महंगाई नहीं रोक पाई ग्राहक

इंडिया रिपोर्टर लाइव
भोपाल, 07 नवंबर 2026। भोपाल में धनतेरस पर बाजारों में ऐसी रौनक रही कि देर रात तक दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। सोना-चांदी खरीदने से लेकर नई कार और दोपहिया वाहन घर ले जाने तक, हर बाजार में त्योहार का उत्साह दिखाई दिया। महंगाई के बावजूद लोगों ने खरीदारी में कंजूसी नहीं की। किसी ने चांदी के सिक्के खरीदे तो किसी ने इलेक्ट्रॉनिक्स, बर्तन, कपड़े और घर की सजावट के सामान पर खर्च किया। व्यापारिक संगठनों के अनुमानों के मुताबिक, भोपाल में प्रमुख बाजारों में 500 करोड़ रुपये से अधिक और अन्य कारोबार को मिलाकर धनतेरस पर कुल व्यापार करीब 1000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। भोपाल किराना व्यापारी महासंघ के महामंत्री एवं कैट के पूर्व प्रवक्ता विवेक साहू ने बताया कि इस बार बाजारों में केवल परंपरागत खरीदारी ही नहीं हुई, बल्कि जरूरत और आधुनिक जीवनशैली से जुड़े सामान की भी अच्छी मांग रही। सराफा और ऑटोमोबाइल के साथ मोबाइल, कंप्यूटर, कपड़े, रेडीमेड, फर्नीचर, ट्रैक्टर, कृषि उपकरण, ड्राई फ्रूट्स, किराना, खाद्य तेल, फुटवियर और कॉस्मेटिक्स के बाजार में भी ग्राहकी रही। गिफ्ट और पैकेजिंग कारोबार में भी तेजी देखने को मिली।
सोना-चांदी और वाहन खरीदने में सबसे ज्यादा खर्च
व्यापारिक अनुमानों के मुताबिक, सराफा बाजार में करीब 200 से 250 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव के बावजूद लोगों ने आभूषण, सिक्के और चांदी की वस्तुएं खरीदीं। वहीं, ऑटोमोबाइल सेक्टर में करीब 120 से 140 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। इस दौरान करीब 500 चार पहिया और 2000 दोपहिया वाहनों की बिक्री का अनुमान लगाया गया है। इलेक्ट्रिक वाहनों में भी ग्राहकों की रुचि दिखाई दी।
टीवी-फ्रिज से लेकर मोबाइल और कंप्यूटर तक की मांग
इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में करीब 40 से 45 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और अन्य घरेलू उपकरणों के साथ मोबाइल और कंप्यूटर की भी खरीदारी हुई। नई तकनीक और आधुनिक सुविधाओं वाले उत्पाद ग्राहकों की पसंद बने। वहीं, कपड़ा और रेडीमेड बाजार में भी दीपावली की तैयारियों के चलते खरीदारी का दबाव रहा।
बर्तन, मिठाई और सजावट के बाजार में भी रौनक
धनतेरस पर बर्तन खरीदने की परंपरा के चलते स्टील, पीतल और तांबे के बर्तनों की बिक्री हुई। थोक बर्तन व्यापारी संदीप ताम्रकार के अनुसार, इस बाजार में 10 से 20 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। क्रॉकरी के थोक व्यापारी सुनील साहू ने बताया कि डिनर सेट, कप-प्लेट, ग्लास सेट और गिफ्ट आइटम की मांग रही। इस सेक्टर में तीन से पांच करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है। मिष्ठान पेय भंडार संघ के अध्यक्ष राकेश जैन और सचिव मोहन शर्मा के मुताबिक, मिठाई के कारोबार में 10 से 15 करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान है। पारंपरिक मिठाइयों के साथ ड्राई फ्रूट मिठाई और गिफ्ट पैक की मांग रही। सजावटी सामान और तोरण के थोक विक्रेता सौरभ साहू के मुताबिक, तोरण, आर्टिफिशियल फूल, दीपक और अन्य सजावटी सामान में 20 से 25 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ। वहीं, सजावटी लाइटिंग और झालरों के बाजार में पांच से सात करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है।
फर्नीचर से ट्रैक्टर तक, इन कारोबारों ने भी बढ़ाया आंकड़ा
धनतेरस पर कारोबार का दायरा सिर्फ प्रमुख बाजारों तक सीमित नहीं रहा। ट्रैक्टर और कृषि उपकरण, फर्नीचर, कपड़ा, रेडीमेड, ड्राई फ्रूट्स, किराना, खाद्य तेल, फुटवियर, कॉस्मेटिक्स और गिफ्ट पैकेजिंग जैसे कारोबार भी इसमें शामिल रहे। विवेक साहू के मुताबिक, इन सभी अन्य कारोबार को जोड़ने पर कुल व्यापार का अनुमान करीब 1000 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
व्यापारियों के अनुमान से कारोबार का आंकड़ा
कारोबार अनुमानित बिक्री
सराफा 200-250 करोड़
ऑटोमोबाइल 120-140 करोड़
इलेक्ट्रॉनिक्स 40-45 करोड़
सजावटी सामान 20-25 करोड़
बर्तन 10-20 करोड़
मिठाई 10-15 करोड़
क्रॉकरी 3-5 करोड़
सजावटी लाइटिंग 5-7 करोड़


