गादी आइजेनकोट को मिला 67 सांसदों का समर्थन

इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली, 07 नवंबर 2026। इस्राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने कहा कि वह रविवार को यह घोषणा करेंगे कि नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी। यह फैसला विपक्ष के गादी आइजेनकोट को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की जगह लेने के लिए बड़ी संख्या में समर्थन मिलने के बाद लिया गया है।
चुनाव के बाद किसी को नहीं मिला बहुमत
27 अक्टूबर के चुनाव के बाद हर्जोग ने राजनीतिक दलों के साथ दूसरे दिन भी बातचीत की। इस चुनाव में न तो नेतन्याहू और न ही आइजेनकोट बहुमत के लिए जरूरी वोट हासिल कर पाए हैं। अब हर्जोग फैसला लेंगे, लेकिन परंपरा के अनुसार जनादेश उस व्यक्ति को दिया जाता है, जिसे संसद के अधिक सदस्यों का समर्थन प्राप्त हो। अरब दलों के 19 सदस्यों के आइजेनकोट को समर्थन देने के बाद उन्हें 67 सदस्यों का समर्थन प्राप्त है, जबकि 46 ने नेतन्याहू के पक्ष में राय दी। वहीं, सात सदस्यों ने कोई विकल्प नहीं चुना।
अरब पार्टियों ने दिया आइजेनकोट को समर्थन
चुनाव में दो अरब पार्टियों ने रिकॉर्ड 19 सीटें जीती हैं। अगर आइजेनकोट का विपक्ष उनके साथ मिलकर काम करने का फैसला करता है तो वे किंगमेकर की भूमिका निभा सकते हैं, हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसा होगा या नहीं। दोनों अरब पार्टियों ने कहा कि वे आइजेनकोट का समर्थन कर रही हैं। एजेंसी
राष्ट्रपति बोले- तय करेंगे कौन बनाएगा सरकार
हर्जोग ने गुरुवार को कहा, ‘परामर्श के नतीजे भले ही स्पष्ट लगें, लेकिन कानून के तहत मुझे यह तय करने का अधिकार है कि सरकार बनाने की क्षमता किसमें है। गुटों के बीच और खुद गुटों के भीतर एक-दूसरे के फैसलों को रोकने (वीटो करने) की स्थिति को देखते हुए यह बात पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है।’
दोनों दलों में भी चल रही गुटबाजी
आइजेनकोट के खेमे में शामिल एक और पार्टी, दक्षिणपंथी इजरायल बेइतेनू ने कई बार यह संकेत दिया है कि वह ऐसी किसी सरकार में शामिल नहीं होगी, जो अरब पार्टियों के समर्थन पर टिकी हो। उधर, यहूदी धर्म से जुड़ी पार्टी ने नेतन्याहू को समर्थन देने से इनकार किया है।


