इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 03 जनवरी 2025। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अगले पांच सालों में दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त करने का वादा किया है। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी के परिवहन नेटवर्क को विकसित करने और आने वाले दिनों में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए 12,500 करोड़ रुपये के निवेश का एलान किया है। दिल्ली में नवंबर से ही प्रदूषण का स्तर काफी ऊंचा बना हुआ है और वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) (AQI) बहुत खराब श्रेणी से ऊपर बना हुआ है। प्रदूषण को कम करने के लिए, अन्य उपायों के अलावा, पिछले दो महीनों में दिल्ली में BS 3 पेट्रोल और BS 4 डीजल कारों पर दो बार प्रतिबंध लगाया गया। दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर बहुत ज्यादा है और AQI 350 पॉइंट के आसपास है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) अपने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान स्टेज 3 के तहत प्रतिबंधों को वापस ला सकता है। इसका मतलब होगा BS 3 पेट्रोल और BS 4 डीजल कारों पर वाहनों पर फिर से प्रतिबंध लग जाएगा। दिल्ली में प्रदूषण के सबसे बड़े कारणों में से एक वाहनों से निकलने वाला उत्सर्जन माना जाता है।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली के परिवहन नेटवर्क को बेहतर बनाने और शहर में प्रदूषण तथा भीड़भाड़ को कम करने के लिए 12500 करोड़ रुपये की घोषणा की। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी के लिए 1200 करोड़ रुपये के अतिरिक्त सीआरआईएफ फंड का भी एलान किया। गडकरी ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण कम करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) कौन-कौन सी परियोजनाएं शुरू करेगा। उन्होंने कहा, “दिल्ली वायु प्रदूषण और ट्रैफिक जाम से बहुत परेशान है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सड़क निर्माण मंत्रालय ने दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त करने और भीड़भाड़ कम करने के लिए कई परियोजनाएं शुरू की हैं और उन्हें लागू किया है।” उन्होंने कहा कि नई सड़क परियोजनाओं से दिल्ली में प्रवेश करने वाले वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
दिल्ली में नए सड़क नेटवर्क से शहर में भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी
केंद्र ने आईजीआई एयरपोर्ट के आसपास शहर में ट्रैफिक का बोझ कम करने के लिए द्वारका एक्सप्रेसवे का निर्माण पहले ही कर दिया है। शहरी विस्तार सड़क (यूईआर) परियोजना के तहत, गडकरी का मंत्रालय कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे या वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे के साथ कनेक्टिविटी प्रदान करने वाले चरण 2 को भी अंतिम रूप दे रहा है। इन सड़क नेटवर्क का मकसद जम्मू-कश्मीर और पंजाब से वाहनों को सीधे हवाई अड्डे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे तक पहुंचने में मदद करना है। नई सड़कों का नेटवर्क दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को भी सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। जिससे राष्ट्रीय राजधानी में भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी।