जेएनयू में दीक्षांत समारोह के दौरान छात्रों का फीस बढ़ोतरी को लेकर हंगामा, किया विरोध प्रदर्शन

indiareporterlive
शेयर करे
इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों ने सोमवार को फीस बढ़ोतरी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया. छात्रों की मांग है कि प्रशासन फीस बढ़ोतरी समेत कई अहम घोषणाओं को वापस लिया जाए. बता दें कि सोमवार को ही विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह भी हो रहा है. इस कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक शिरकत कर रहे हैं. इसी दौरान छात्रों ने हॉस्टल फीस बढ़ोतरी और ड्रेस कोड के मुद्दे पर कैंपस में ने विरोध मार्च निकाला. छात्रों ने वाइस चांसलर के खिलाफ जेएनयू कैंपस के बाहर उग्र प्रदर्शन भी किया. छात्रों के प्रदर्शन को रोकने के लिए भारी संख्या में सीआरपीएफ और दिल्ली पुलिस के जवान तैनात हैं. प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों को जवानों ने टांगकर बस में बैठाया है.

जेएनयू छात्रों का कहना है कि जब उनकी फीस में कटौती की मांग को स्वीकार नहीं किया जा रहा तो उन्हें दीक्षांत समारोह में जाना भी मंजूर नहीं है. उनका आरोप है कि हॉस्टल फीस बढ़ोतरी का मामला यूनिवर्सिटी में काफी आगे बढ़ चुका है और इसका कोई हल नहीं निकला जा रहा है. बता दें कि  छात्र संघ की मांग है कि फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस लिया जाए. इसे लेकर छात्र संघ ने पहले ही छात्रों से अपील करते हुए ज्यादा से ज्यादा संख्या में जुटने और मार्च में शामिल होने के लिए कहा था. छात्र संघ का कहना है कि जब छात्रों को सस्ती शिक्षा नहीं मिल रही तो दीक्षांत समारोह की क्या जरूरत है.

प्रदर्शन कर रहे छात्र अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (एआईसीटीई) की तरफ आगे बढ़ना चाहते थे लेकिन गेटों पर अवरोधक लगा दिए गए हैं. उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू इस स्थान पर दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ भी सुबह से ही एआईसीटीई ऑडिटोरियम में हैं. छात्रों के प्रदर्शन के मद्देनजर मंत्रालय में दो पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द करने पड़े हैं. जेएनयू से लगभग तीन किलोमीटर दूर एआईसीटीई के द्वारों को बंद कर दिया गया और सुबह शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर परिसरों के बाहर सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जेएनयू परिसर के उत्तरी और पश्चिमी द्वारों के बाहर और बाबा बालकनाथ मार्ग पर एआईसीटीई ऑडिटोरियम और जेएनयू के बीच स्थित सड़क पर बैरिकेड लगाये गये हैं. हाथों में तख्तियां लेकर छात्रों ने ‘दिल्ली पुलिस वापस जाओ’ जैसे नारे लगाये. छात्रों ने कुलपति एम जगदीश कुमार के खिलाफ भी नारेबाजी की. छात्रों की मांग थी कि मसौदा छात्रावास मैनुअल को वापस लिया जाये जिसमें उनके अनुसार फीस वृद्धि, कर्फ्यू का वक्त और ड्रेस कोड जैसी पाबंदियों का प्रावधान है. छात्रों ने बताया कि सुबह शुरू हुआ यह प्रदर्शन छात्रावास के मैनुअल के विरोध के अलावा पार्थसारथी रॉक्स में प्रवेश पर प्रशासन की पाबंदी तथा छात्र संघ के कार्यालय को बंद करने के प्रयास के विरोध में हो रहे प्रदर्शनों का ही हिस्सा है.

Leave a Reply

Next Post

मिले शरद पवार और उद्धव ठाकरे, कांग्रेस सैद्धांतिक रूप से समर्थन देने को राजी

शेयर करेनई दिल्ली: शरद पवार और उद्धव ठाकरे की किसी अज्ञात जगह पर मुलाकात हुई है.सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस सैद्धांतिक तौर पर समर्थन को तैयार है. सिर्फ सरकार में रहकर या बाहर से ये फैसला होना बाकी है. NCP चाहती है कि कांग्रेस सरकार में शामिल हो. वहीं केंद्रीय कैबिनेट में शामिल के […]

You May Like

रूस ने भारत को दिया Su-57 का ऑफर: राष्ट्रपति पुतिन बोले- मिलकर करेंगे काम, कोई नहीं रोक सकता....|....बंगाल में एनआईए का बड़ा एक्शन, बम विस्फोट मामले में टीएमसी का पूर्व विधायक गिरफ्तार....|....झांसी के होटल में खूनी खेल: पुरानी रंजिश में चाचा-भतीजे पर धारदार हथियार से हमला, एक की मौत... दूसरा गंभीर....|....ईरान-अमेरिका के बीच मिसाइल हमलों का कम्पीटीशनः  IRGC बोला- दुश्मन के कई ठिकाने उड़ाए, यूएस ने भी.......|....टोरंटो में भारतीय उत्सव से दुनिया में छिड़ा विवाद, "कनाडा पर इंडिया का कब्जा..." टिप्पणी से मचा बवाल....|....मोरबी में दर्दनाक सड़क हादसा: आप नेता समेत पांच लोगों की मौत, दो की हालत गंभीर; कार के उड़े परखच्चे....|....पीओके में तैनात किए जाएंगे 14 हजार अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी, लोगों में बढ़ी चिंता....|....युद्धविराम के बीच फिर भड़का तनाव, हिजबुल्ला ने इस्राइली लड़ाकू विमानों पर दागीं मिसाइलें....|....'परमाणु हथियार बनाने की स्थिति में नहीं तेहरान': ट्रंप का बड़ा दावा- लगभग खत्म हो चुकी है ईरान की मिसाइल ताकत....|....यूएन में पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर का राग; भारत ने लगाई कड़ी फटकार, बोला- ये झूठ फैलाने का मंच नहीं