
इंडिया रिपोर्टर लाइव
केप कैनावेरल 15 जनवरी 2026। नासा ने अपने 65 वर्षों के मानव अंतरिक्ष उड़ान इतिहास में पहली बार एक ऐतिहासिक और संवेदनशील फैसला लेते हुए मेडिकल इवैकुएशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) से पृथ्वी पर वापस बुला लिया है। यह मिशन तय समय से एक महीने पहले ही समाप्त कर दिया गया।
4 अंतरिक्ष यात्रियों की धरती पर वापसी
नासा, रूस और जापान के इन चार अंतरिक्ष यात्रियों ने बुधवार को स्पेस स्टेशन से विदाई ली और वे स्पेसएक्स कैप्सूल के जरिये गुरुवार तड़के कैलिफोर्निया के सैन डिएगो तट के पास प्रशांत महासागर में उतरने वाले हैं। इस मिशन में शामिल नासा की अंतरिक्ष यात्री जेना कार्डमैन ने भावुक होते हुए कहा हमारी वापसी का समय अचानक बदला, लेकिन सबसे खूबसूरत बात यह रही कि यह टीम एक परिवार की तरह एक-दूसरे का ख्याल रखती रही।
हालांकि नासा ने उस अंतरिक्ष यात्री की पहचान उजागर नहीं की, जिसे चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यात्री की हालत स्थिर और सुरक्षित है तथा यह फैसला पूरी सावधानी के साथ लिया गया है ताकि धरती पर बेहतर मेडिकल जांच संभव हो सके। नासा ने यह भी साफ किया कि यह कोई आपात स्थिति नहीं थी, लेकिन अंतरिक्ष में रहते हुए इलाज में देरी करना जोखिम भरा हो सकता था। इसलिए मिशन को छोटा करने का निर्णय लिया गया।
लगभग छह महीने तक चलने वाला मिशन
क्रू-11 को अगस्त 2025 में इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) के लिए लॉन्च किया गया था, जिसका मिशन मूल रूप से लगभग छह महीने तक चलने वाला था। अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी और उसके अंतर्राष्ट्रीय सहयोगी कक्षा में चिकित्सा आपात स्थितियों के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण लेते हैं और जरूरत पड़ने पर प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार हैं।
फरवरी 2026 तक रहने की थी उम्मीद
दरअसल, क्रू-11 मिशन, आईएसएस पर निरंतर मानव उपस्थिति बनाए रखने के नासा के सतत प्रयासों का हिस्सा है। अपने प्रवास के दौरान अंतरिक्ष यात्री वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रौद्योगिकी प्रदर्शन और स्टेशन के नियमित रखरखाव का कार्य कर रहे हैं। साथ ही भविष्य के मिशनों की तैयारियों में भी सहयोग कर रहे हैं। चालक दल के मध्य फरवरी 2026 तक कक्षा में रहने की उम्मीद थी।


