
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 19 जनवरी 2026। भारत को न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी वनडे में 41 रन से हार मिली। इंदौर में मिली इस हार के साथ ही टीम इंडिया ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से गंवा दी। पिछले तीन महीने के अंदर यह टीम इंडिया की तीन में से दूसरी वनडे सीरीज हार रही। इससे पहले अक्तूबर में भारत को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार मिली थी, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वापसी ने संकेत दिए थे कि अपने घर में हम अब भी मजबूत हैं, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू जमीन पर 2-1 की हार ने कई सवाल खड़े कर दिए। यह सिर्फ एक सीरीज हार नहीं थी, बल्कि ऐतिहासिक भी थी, क्योंकि 1988 के बाद पहली बार न्यूजीलैंड ने भारत में कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज जीती। साथ ही, इंदौर में लगातार सात मैच जीतने के बाद भारत पहली बार इस मैदान पर हारा। तीन दशकों में फैले इन रिकॉर्ड्स ने इस हार को और भी गंभीर बना दिया।
रोहित शर्मा: पावरप्ले में स्ट्रगल मोड
भारत का पावरप्ले लंबे समय तक रोहित शर्मा की आक्रामकता पर निर्भर रहा है, लेकिन इस सीरीज में उन्होंने न गति दी, न स्थिरता। खराब टाइमिंग, सीमित शॉट चयन और कम स्ट्राइक रेट ने भारत की शुरुआत को कमजोर किया। असिस्टेंट कोच रेयान टेन डेशकाटे के मुताबिक रोहित क्रिकेट से शॉर्ट दिख रहे थे। जब ओपनर बल्लेबाज रन नहीं बनाता, तो मध्यक्रम दबाव में आता है और यही इस सीरीज में दिखाई दिया। विराट कोहली को पावरप्ले की कमी की भरपाई करनी पड़ी, लेकिन कई बार अंत तक यह नुकसान भारी साबित हुआ।
रवींद्र जडेजा: बैट-एंड-बॉल रोल पूरी तरह मिसिंग
रवींद्र जडेजा भारत के बैलेंस प्लेयर हैं, गेंदबाजी में नियंत्रण, बल्लेबाजी में स्थिरता और फील्डिंग में एक्स्ट्रा वैल्यू, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ वे दो बड़े विभागों में फ्लॉप रहे। बीच के ओवरों में उनका काम रन रोकना और विकेट निकालना होता है, पर वे ग्लेन फिलिप्स और डेरिल मिचेल के सामने लगातार महंगे साबित हुए। अंतिम वनडे में छह ओवर में 41 रन देकर एक भी विकेट न मिलना इस बात का प्रमाण है। बल्ले से उनके 4, 27 और 12 जैसे स्कोर भी यह दिखाते हैं कि असल जडेजा इस सीरीज में दिखाई ही नहीं दिए। इससे कैफ का यह बयान कि अक्षर पटेल को वनडे में भी मौका देना चाहिए, सही साबित हो रहा है।
शुभमन दिल: कप्तानी के दबाव में बिखरे
शुभमन गिल की बतौर वनडे कप्तान शुरुआत किसी बुरे सपने की तरह रही है। टीम इंडिया ने उनकी कप्तानी में दो वनडे सीरीज खेली है और दोनों गंवाई है। इससे पहले वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में कप्तान रहे थे। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वह चोटिल थे और केएल राहुल ने कप्तानी की थी। हालांकि, शुभमन का प्रदर्शन काफी अच्छा नहीं रहा है। उनकी कप्तानी भी ढीली दिखी है। कप्तानी का दबाव उनकी बल्लेबाजी पर भी असर डाल रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जहां वह तीन पारियों में 43 रन बना पाए थे, वहीं न्यूजीलैंड के खिलाफ शुभमन तीन पारियों में 135 रन बना सके। उनका औसत जरूर 45 का रहा, लेकिन वह अच्छी शुरुआत लेने के बाद खराब शॉट खेलकर विकेट गंवाते रहे। गिल ने दो अर्धशतक भी लगाए, लेकिन जिस पारी की उनसे जरूरत थी, वह वैसा नहीं कर सके। तीसरे वनडे में वह सिर्फ 23 रन बना सके। 1-0 की सीरीज में बढ़त बनाने के बाद कप्तानी और रणनीति में कहां चूक हुई, यह तो गिल और कोच गंभीर ही जानते होंगे।


