
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 20 जनवरी 2026। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कहा कि दुनिया में कुछ शरारती देश हैं और ऐसी ही एक देश भारत के पड़ोस में भी है। उन्होंने कहा कि जब कोई देश भटक जाता है, तो वह मानवता और अपने ही लोगों के लिए नुकसानदायक बन जाता है। कोविद ‘रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स’ के शुभारंभ के अवसर पर बोल रहे थे।
कोविंद ने अपने संबोधन में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जब बहुपक्षीय मंच भी प्रभावी नहीं रह जाते हैं, तो प्रत्येक देश को आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने कहा, हमने कुछ शरारती देशों के बारे में भी सुना है। दुनिया में ऐसे कई देश हैं। हमें ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है। हमारे पड़ोस में ही ऐसा एक देश है। उन्होंने यह बात पाकिस्तान की ओर इशारा करते हुए कही। हालांकि, उन्होंने किसी भी देश का नाम नहीं लिया।
‘हर देश को करना चाहिए आत्ममंथन’
कोविंद ने कहा कि एक देश आखिरकार उसके लोगों से बनता है, लेकिन अगर कोई देश भटक जाता है और उसी तरह काम करता रहता है, जिससे मानवता और उसके लोगों के विकास को नुकसान पहुंचता है, तो फिर क्या किया जाना चाहिए? उन्होंने कहा, ऐसी स्थिति में जब बहुपक्षीय मंच भी अप्रभावी होते जा रहे हैं, तो मुझे लगता है कि हर देश को अपने भीतर झांकना चाहिए और हमें अपने व्यवहार को ‘रिस्पॉन्सिबल नेशंस इंडेक्स’ के अनुसार लागू करने की कोशिश करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह इंडेक्स एक नया और रचनात्मक विचार है, जो एक जिम्मेदार राष्ट्र की परिभाषा बताता है। यह इंडेक्स यह दिखाता है कि एक देश अपने नागरिकों और पूरी मानवता के प्रति समान रूप से जिम्मेदार होता है। कोविंद ने कहा, हम सभी जानते हैं कि कोई देश आर्थिक रूप से समृद्ध हो सकता है, लेकिन फिर भी गैर-जिम्मेदार हो सकता है। इसलिए केवल धन के आधार पर कोई देश अच्छा शासन नहीं चला सकता।
उन्होंने कहा कि इसी कारण किसी भी देश के वास्तविक विकास को मापने के लिए मानव विकास सूचकांक (एचडीआई) का विकास किया गया।उन्होंने बताया कि इस इंडेक्स में स्वास्थ्य और शिक्षा को एक अहम हिस्सा बनाया गया। समय के साथ आम लोगों की खुशी को मापने के लिए हैप्पीनेस इंडेक्स बनाया गया। उन्होंने कहा कि हमारे पड़ोसी देश भूटान और कुछ नॉर्डिक देशों में हैप्पीनेस इंडेक्स हमेशा से विकास के आकलन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।


