
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 21 अप्रैल 2026। भारत और यूक्रेन के बीच सुरक्षा सहयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता जल्द ही आधिकारिक दस्तावेज की शक्ल लेगा। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी घोषणा करते हुए कहा कि दोनों देश सुरक्षा सहयोग समझौते को अंतिम रूप दे रहे हैं। यह घोषणा यूक्रेन के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव रुस्तम उमेरोव की हालिया भारत यात्रा के बाद आई है, जहां उन्होंने एनएसए अजीत डोभाल और विदेश मंत्री एस जयशंकर से उच्च स्तरीय वार्ता की थी।
युद्ध के अनुभवों का साझा लाभ
रूस के साथ पांचवें वर्ष में प्रवेश कर चुके युद्ध के बीच यूक्रेन अब अपने ड्रोन युद्ध और वायु रक्षा प्रणाली से जुड़े अनुभवों को अन्य देशों के साथ साझा कर रहा है। भारत भी यूक्रेन की इस युद्ध संबंधी विशेषज्ञता का लाभ उठाने में रुचि रखता है।
शांति और कूटनीति पर भारत का जोर
वार्ता के दौरान एनएसए अजीत डोभाल ने भारत के उस सैद्धांतिक रुख को दोहराया, जिसमें बातचीत और कूटनीति के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की गई है। उमेरोव ने स्थायी शांति सुनिश्चित करने के प्रयासों में भारत की समझ के प्रति आभार जताया। गौरतलब है कि फरवरी 2022 से जारी इस संघर्ष में भारत ने कूटनीतिक संतुलन बनाए रखा है। पीएम मोदी ने अपनी रूस और यूक्रेन यात्राओं के दौरान स्पष्ट किया था कि भारत शांति प्रयासों में हरसंभव योगदान देने के लिए तैयार है।


