खतरा बढ़ा: अफगानिस्तान में महिला जजों की जान के दुश्मन बने तालिबान, वकील भी निशाने पर

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

काबुल 04 सितम्बर 2021। अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा होने के बाद से ही महिलाओं पर अत्याचार की बातें जोर पकड़ने लगी थीं लेकिन तालिबान महिलाओं पर दवाब बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। इसी के चलते अफगान महिलाएं देश छोड़ने पर मजबूर हैं। इनमें महिला जज भी शामिल हैं। जिन्होंने कभी तालिबानियों को सजा सुनाई थी और तालिबान के चलते खतरे में जी रही हैं और अपनी जान बचाने के लिए देश छोड़कर भाग रही हैं। महिला जजों के अलावा कई महिला अफगान ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स भी अफगानिस्तान में फंसी हुई हैं। इनके ऊपर भी जान का खतरा है।

महिला जजों को डर कहीं मार न डाले तालिबान

तालिबान ने अफगानिस्तान में कब्जे करते वक्त तमाम कैदियों को जेल से रिहा कर दिया है। अब वह महिला जजों के साथ वकीलों को ढूंढ रहे हैं। इन महिला जजों की संख्या 250 है जो अब चिंता में जी रही हैं कहीं तालिबान उन्हें मार न डालें। तालिबान ने अफगानिस्तान में महिलाओं को काम पर जाने से रोक दिया है।  वहीं महिला जज के साथ वकील ने भी दफ्तर जाना बंद कर दिया है। वहीं अन्य लोग भी जान के खतरे के चलते बड़ी संख्या में देश छोड़कर भाग रहे हैं। इनमें महिला जजों की संख्या भी काफी है। कुछ तो पहले ही देश छोड़कर भाग चुकी हैं। वहीं कुछ अभी भी यहां फंसी हुई हैं और यहां से निकलने की जुगत लगा रही हैं।

घर पर आकर पूछ रहे जजों के बारे में

एक महिला जज ने बताया कि उसके घर चार-पांच तालिबान लड़ाक उसके घर आए और पूछा कि महिला जज कहां पर है। ये वही थे जिन्हें उस महिला जज ने जेल में डाला था। लेकिन गनीमत रही कि वह जज अफगानिस्तान से निकलने में कामयाब रही। अफगानिस्तान में न्याय के क्षेत्र से जुड़ी महिलाएं पहले से ही निशाने पर रही हैं। इसी साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट की दो महिला जजों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब जबकि देश भर में तमाम अपराधियों को जेल से छोड़ दिया गया है तो न्याय क्षेत्र से जुड़ी महिलाओं को जिंदगी का खतरा महसूस होने लगा है। ऐसे ही खतरे का सामना करने के बाद एक अफगान महिला जज ने यूरोप की शरण ले ली है।

Leave a Reply

Next Post

यूपी में सियासी साधना : किसानों को चुनाव से पहले 722 करोड़ की नई योजना की सौगात

शेयर करे5 वर्ष में 27.25 लाख किसानों को लाभ देने का लक्ष्य, 2725 एफपीओ गठन की तैयारी इंडिया रिपोर्टर लाइव लखनऊ 04 सितम्बर 2021। प्रदेश सरकार विधानसभा चुनाव से पहले किसानों के लिए 722.85 करोड़ रुपये की आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना लाने जा रही है। यह धनराशि अगले पांच […]

You May Like

एमपी में जहरीली शराब से पिता-बेटा समेत 19 मौतें....|....70 करोड़ की निवेश ठगी का खुलासा....|....इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती, मिलने के लिए गौरेला पहुंची 17 वर्षीय किशोरी....|....'पूर्व सीएम करुणानिधि ने सत्ता का दुरुपयोग किया'....|....चांद पर साथ-साथ भारत-अमेरिका....|....ग्रामीण अंचलों और सार्वजनिक स्थलों पर रात के अंधेरे से मिलेगी मुक्ति, सुरक्षा एवं नागरिक सुविधाओं में होगा विस्तार - राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा....|....तीज के रंग में रंगा रायपुर प्रेस क्लब, श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रैंप वॉक कर बढ़ाया महिला पत्रकारों का उत्साह....|....8 मिनट, 200 सवाल और हजारों बच्चों का मैथ्स से मुकाबला....|....उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने वेस्ट जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन प्रतियोगिता के विजेताओं को किया पुरस्कृत....|....वैध परिवहन के दस्तावेज नहीं दे सकी फर्म