
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 15 मई 2026। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा की आधिकारिक तारीख जारी कर दी है। यह फैसला पेपर लीक विवाद के बाद लिया गया, जिसके चलते पिछली परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इस घटना के बाद देशभर में छात्रों और अभिभावकों में काफी नाराजगी देखने को मिली थी। सरकारी मंजूरी के बाद जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, NEET-UG 2026 की री-एग्जाम अब रविवार, 21 जून 2026 को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा मेडिकल कोर्सेज जैसे MBBS और BDS में दाखिले के लिए बेहद अहम मानी जाती है। परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों उम्मीदवारों को अनिश्चितता और तनाव का सामना करना पड़ा था। कई छात्रों की तैयारी पर भी असर पड़ा, जिससे पूरे परीक्षा सिस्टम की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठे।
NTA ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करें और अफवाहों से दूर रहें। एजेंसी ने हेल्पलाइन नंबर और ईमेल भी जारी किए हैं ताकि उम्मीदवारों की शंकाओं का समाधान किया जा सके। इस बार परीक्षा को और सुरक्षित बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए जाने की संभावना है। परीक्षा केंद्रों पर निगरानी बढ़ाने, डिजिटल सुरक्षा मजबूत करने और गोपनीय प्रक्रिया को और सख्त करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
एजेंसी ने छात्रों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म और मैसेजिंग ग्रुप पर फैल रही अफ़वाहों या बिना पुष्टि वाली जानकारियों पर विश्वास न करें। परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सवालों के लिए उम्मीदवार NTA से उसके आधिकारिक हेल्पलाइन नंबरों- 011-40759000 और 011-69227700 – पर संपर्क कर सकते हैं। सवाल neet-ug@nta.ac.in पर ईमेल के ज़रिए भी भेजे जा सकते हैं। पूरे भारत में लाखों उम्मीदवारों के लिए, यह घोषणा एक नई चुनौती और एक दूसरा मौका – दोनों लेकर आई है – एक ऐसा मौका जिसके बारे में उन्हें उम्मीद है कि इस बार यह बिना किसी विवाद के संपन्न होगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने क्या कहा?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, अभी एनटीए ने नीट-यूज की नई परीक्षा की तारीख की घोषणा की है। 21 जून को दोबारा परीक्षा की तारीख की घोषणा की है। छात्रों का भविष्य, उनके परिश्रम के प्रति संवेदनशीलता हमारी प्राथमिकता है। तीन मई को परीक्षा हुई थी और सात मई को एनटीए के पास कहीं से आपत्ति आई कि गेस पेपर में ऐसे कुछ प्रश्न आए हैं, जो इस बार के पेपर में थे। एनटीए और सरकार ने तुरंत उसकी जांच की। राज्यों की एजेसियों से संपर्क किया गया। जब हम स्पष्ट हुए कि इस बार पेपर लीक हुआ है, हम नहीं चाहते थे कि शिक्षा माफियाओं के षड्यंत्र के कारण किसी भी सही छात्र के अधिकार वंचित हो जाएं। इसलिए हमने 12 मई को परीक्षा को रद्द कर दिया। हमने आज परीक्षा की नई तिथि की घोषणा की।
उन्होंने आगे कहा, यह परीक्षा माफियाओं और असामाजिक तत्त्वों के खिलाफ लंबी लड़ाई है। तकनीक के समय में एक चुनौती बन रही है। विभिन्न प्रकार के सोशल मीडिया हैंडल से भ्रमात्मक तथ्यों को रखा जाता है, गुमराह करने की कोशिश की जाती है। सरकार ने सीबीआई को(जांच के लिए) काम सौंपा है। सीबीआई ने त्वरित कार्रवाई शुरु की है और इस बार सीबीआई तह तक जाएगी। सभी विभागों ने इसे गंभीरता से लिया है। हम इस बार गड़बड़ी नहीं होने देंगे। यह छात्रों के पक्ष में निर्णय लिया गया है।
प्रधान ने कहा, अब जो परीक्षा होगी, उसकी कोई फीस नहीं होगी। विद्यार्थियों पर कोई आर्थिक बोझ ना आए, हम उसका दायित्व ले रहे हैं। परीक्षा का समय भी बढ़ाया जाएगा। परीक्षा दोपहर 2 बजे से लेकर 5:15 बजे तक होगी। उन्होंने यह भी कहा, अगले साल से नीट की परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट(सीबीटी) मोड से आयोजित होगी।
इससे पहले, गुरुवार को प्रधान ने भी नीट-यूजी परीक्षा को दोबारा आयोजित कराने के मुद्दे पर उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। इस अहम बैठक में शिक्षा मंत्रालय और परीक्षा कराने वाली एजेंसी के कई बड़े अधिकारी शामिल हुए थे। इस बैठक का मकसद यही था कि रद्द हुई परीक्षा को अब नए सिरे से कैसे कराया जाए, ताकि आगे कोई भी गड़बड़ी न हो। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि इस बार दोबारा परीक्षा पूरी तरह से पारदर्शी और सुरक्षित तरीके से हो, जिससे दिन-रात मेहनत करने वाले छात्रों के साथ कोई अन्याय न हो।
हाल ही में नीट-यूजी परीक्षा में कई तरह की बड़ी गड़बड़ियों और पेपर लीक के गंभीर आरोप लगे थे। इन आरोपों के कारण छात्रों में भारी आक्रोश था और पूरे देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। हालात की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने पुरानी परीक्षा को रद्द करने का फैसला लिया। अब चूंकि परीक्षा दोबारा होनी है (RE-NEET), इसलिए नया शेड्यूल बनाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए शिक्षा मंत्री ने खुद मोर्चा संभालते हुए यह बैठक बुलाई थी।
दोबारा होने वाली नीट परीक्षा में क्या बदलाव होंगे?
इस उच्च स्तरीय बैठक में इस बात पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया कि परीक्षा के पेपर को लीक होने से कैसे बचाया जाए। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा बढ़ाने और पेपर बांटने के तरीके में कड़े बदलाव करने पर लंबी चर्चा की। सरकार की कोशिश है कि नया सिस्टम ऐसा हो जिसे कोई भी हैक या लीक न कर सके। इसके लिए नई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने पर भी गहराई से विचार किया जा रहा है ताकि परीक्षा पूरी तरह से सुरक्षित रहे।


