एशिया-प्रशांत में बढ़ी परमाणु हथियारों की प्रतिस्पर्धा, वैश्विक सुरक्षा के लिए उभर रहा नया खतरा

शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली 04 जून 2026। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में परमाणु हथियारों की होड़ का खतरा तेजी से बढ़ रहा है और यह क्षेत्र वैश्विक सामरिक प्रतिस्पर्धा का केंद्र बनता जा रहा है। लंदन स्थित प्रतिष्ठित थिंक टैंक इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (आईआईएसएस) ने अपने ताजा एशिया-प्रशांत क्षेत्रीय सुरक्षा आकलन में यह चेतावनी दी है। दुनिया नए परमाणु हथियारों की दौड़ की ओर तेजी से बढ़ रही है और इसके शुरुआती संकेत पहले ही दिखाई देने लगे हैं। इस दौड़ के केंद्र में एशिया-प्रशांत क्षेत्र है। चीन, उत्तर कोरिया, भारत और पाकिस्तान सहित क्षेत्र के परमाणु संपन्न देशों द्वारा सैन्य क्षमताओं के विस्तार तथा लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइल प्रणालियों के विकास से सामरिक संतुलन पर दबाव बढ़ रहा है।

रिपोर्ट में भारत-पाकिस्तान, पाकिस्तान-अफगानिस्तान और थाईलैंड-कंबोडिया के बीच हालिया तनावों का जिक्र किया गया है। साथ ही ताइवान जलडमरूमध्य, दक्षिण चीन सागर और कोरियाई प्रायद्वीप को भी संभावित संघर्ष के प्रमुख केंद्र बताया गया है। थिंक टैंक का कहना है कि बढ़ती सैन्य प्रतिस्पर्धा, परमाणु हथियारों का विस्तार, कमजोर पड़ती हथियार नियंत्रण व्यवस्थाएं और क्षेत्रीय विवाद एशिया-प्रशांत को वैश्विक सुरक्षा चिंताओं का प्रमुख केंद्र बना सकते हैं।

अमेरिका-चीन बड़ा जोखिम
थिंक टैंक ने अमेरिका और चीन के बीच प्रभावी हथियार व जोखिम-नियंत्रण तंत्र की कमी पर चिंता जताई है। दोनों देशों के बीच संकट प्रबंधन की मजबूत प्रणाली का अभाव किसी टकराव को अधिक खतरनाक बना सकता है। थिंक टैंक के मुताबिक यदि ताइवान को लेकर कोई बड़ा सैन्य संघर्ष होता है तो उसके परमाणु स्तर तक बढ़ने की आशंका से इन्कार नहीं किया जा सकता।

भारत में बड़ा बदलाव
रिपोर्ट के मुताबिक भारत अपनी सेनाओं को बड़े स्तर पर पारंपरिक युद्ध की संभावना देख तैयार कर रहा है। चीन और पाकिस्तान के साथ जारी सुरक्षा चुनौतियां देखते हुए हथियार प्रणालियों पर ध्यान दिया जा रहा है। हिंद महासागर क्षेत्र के सामरिक महत्व का जिक्र कर होर्मुज और मलक्का जलडमरूमध्य जैसे समुद्री मार्गों पर बढ़ती प्रतिस्पर्धा का उल्लेख भी किया गया है।

Leave a Reply

Next Post

दिल्ली कूच का एलान: पूर्ण राज्य के लिए आंदोलन करेगी नेकां, मानसून सत्र के पहले दिन दिल्ली घेराव की तैयारी

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव जम्मू 04 जून 2026। अल्पमत की आशंका। फूट का डर। पार्टी के टूटने की चिंता। वरिष्ठ नेताओं में मतभेद। इन सभी कयासों पर बुधवार को विराम लग गया। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने नेशनल कॉन्फ्रेंस की एकता का प्रदर्शन कर संदेश दिया कि सरकार अब भी […]

You May Like

जांजगीर-चांपा में घर में फंदे पर लटकी मिली महिला....|....2 लाख रुपए की लूटपाट करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार....|....अस्पताल परिसर में जुआ खेलते 12 जुआरी पकड़े, कार-बाइक समेत लाखों का माल जब्त....|....एक करोड़ के बीमा क्लेम में हेराफेरी....|....छत्तीसगढ़ में अगले सप्ताह तक मानसून रहेगा सक्रिय....|....भारी बरिश के चलते रेल परिचालन प्रभावित....|....सिक्किम की निर्माणाधीन टनल पर लैंडस्लाइड, 10 मजदूरों की मौत....|....पेपर लीक मुद्दे पर राहुल गांधी स्पीकर से मिले....|....लोहिया कॉर्प 23 से निवेशकों के लिए खोलेगी 3,547 करोड़ रुपए का पब्लिक इश्यू....|....23 जुलाई से खुलेगा इंडो एमआईएम का ₹3812 करोड़ का आईपीओ