एम्बुलेंस नहीं मिलने पर संभाली जिम्मेदारी

इंडिया रिपोर्टर लाइव
जगदलपुर, 01 अगस्त 2026। दंतेवाड़ा जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के बोदली गांव में एक गर्भवती महिला को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने पर सीआरपीएफ के जवान उसकी मदद के लिए आगे आए। जवानों ने न केवल एम्बुलेंस की व्यवस्था की, बल्कि महिला को स्वयं अस्पताल पहुंचाकर भर्ती कराया, जिससे उसे समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सकी।
जानकारी के अनुसार अबूझमाड़ के अति दुर्गम क्षेत्र में तैनात 195वीं वाहिनी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के बोदली कैंप कमांडर को ग्राम घोटिया की एक गर्भवती महिला के प्रसव पीड़ा से परेशान होने की सूचना मिली। बताया गया कि महिला को तत्काल चिकित्सकीय सहायता की आवश्यकता थी लेकिन क्षेत्र में एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं थी। सूचना मिलते ही कैंप कमांडर ने इसकी जानकारी 195वीं वाहिनी मुख्यालय, बारसूर को दी। इसके बाद कमांडेंट अनिल कुमार सिंह के निर्देश पर जवान तत्काल वाहिनी की एम्बुलेंस लेकर महिला के गांव पहुंचे।
सीआरपीएफ की टीम ने महिला को प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के बाद एम्बुलेंस से सुरक्षित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बारसूर पहुंचाया, जहां उसे भर्ती कर चिकित्सकों की निगरानी में उपचार शुरू कराया गया। समय पर अस्पताल पहुंचने से महिला को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकी।
दुर्गम और नक्सल प्रभावित क्षेत्र में समय रहते मिली इस मदद की स्थानीय लोगों ने सराहना की है। सीआरपीएफ की इस मानवीय पहल से एक बार फिर यह संदेश गया कि बल सुरक्षा दायित्वों के साथ-साथ जरूरतमंद नागरिकों की आपातकालीन सहायता के लिए भी हमेशा तत्पर रहता है। 195वीं वाहिनी सीआरपीएफ ने कहा कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों को मानवीय और आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।


