ग्रामीण बोले- खाते से निकले हजारों लेकिन हाथ में मिले सिर्फ 500 रुपये

इंडिया रिपोर्टर लाइव
बीजापुर, 26 अगस्त 2026। बीजापुर जिले मन पक्के घर का सपना लेकर सरकारी योजना की मदद का इंतजार कर रहे ग्राम बोडगा के आदिवासी ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि में कथित अनियमितता का गंभीर आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि उनके खातों में आवास की किस्त के रूप में रकम तो आई, लेकिन पूरी राशि उन्हें नहीं मिली। मामले को लेकर मंगलवार को ग्रामीण बीजापुर पहुंचे और विधायक विक्रम मंडावी के साथ जिला पंचायत सीईओ को ज्ञापन सौंपकर जांच और न्याय की मांग की।
ग्रामीणों के मुताबिक, जनपद पंचायत भैरमगढ़ की ग्राम पंचायत ईतामपार के आश्रित ग्राम बोडगा में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों के खातों में पहली किस्त के रूप में 40 हजार रुपये और दूसरी किस्त के रूप में 55 हजार रुपये जमा हुए थे। आरोप है कि पंचायत सचिव कोमल निषाद हितग्राहियों को बैंक ले जाकर उनके खातों से राशि निकलवाते थे। ग्रामीणों का दावा है कि रकम निकलने के बाद उन्हें सिर्फ 500-500 रुपये दिए जाते थे और बाकी राशि अपने पास रख ली जाती थी। ग्रामीणों ने करीब 26 लाख रुपये की कथित अनियमितता का आरोप लगाया है।
इतना ही नहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने पूरी राशि देने की मांग की तो उन्हें कथित तौर पर जेल भेजने की धमकी भी दी गई। लंबे समय से नक्सल प्रभावित क्षेत्र में मुश्किल हालात के बीच रहने वाले इन परिवारों को सरकारी योजना से अपने लिए पक्का घर मिलने की उम्मीद थी। लेकिन राशि नहीं मिलने के कारण उनका यह सपना अधूरा रह गया।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित तौर पर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने और हितग्राहियों की राशि वापस दिलाने की मांग की है। विधायक विक्रम मंडावी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि गरीब परिवारों के आवास से जुड़ी योजना में किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। वहीं जिला पंचायत सीईओ ने ग्रामीणों को मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। अब जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और राशि के लेनदेन की पूरी तस्वीर साफ होगी।

