चीन की गोद में बैठेगी तालिबान की सरकार, कहा- देश चलाने को हम उनकी फंडिंग पर ही निर्भर

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

काबुल 03 सितम्बर 2021। अफगानिस्तान फतह करने के बाद तालिबान आज सरकार का ऐलान कर सकता है जो कमोबेश ईरानी मॉडल पर होगा। माना जा रहा है कि आज जुमे की नमाज के बाद तालिबान अफगानिस्तान में सरकार का ऐलान करेगा, जिसके सर्वेसर्वा हिबतुल्लाह अखुंदजादा होगा। सरकार के ऐलान से ठीक पहले तालिबान ने बताया है कि आखिर वह किसकी मदद से अफगानिस्तान को संकट से उबारेगा। तालिबान ने कहा है कि वह चीन से आर्थिक मदद के सहारे देश की हालत सुधारने की कोशिश कर रहा है, क्योंकि चीन ही उसके लिए सबसे भरोसेमंद सहयोगी है।

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने कहा कि तालिबान चीन को सबसे अहम भागीदार के रूप में देखता है और मुख्य रूप से चीन से फंडिंग पर निर्भर होगा। जबीउल्लाह मुजाहिद ने इंटरव्यू में चीन के करीबी रिश्तों का इजहार किया। मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान की आर्थिक हालत काफी खराब है और उन्हें देश चलाने के लिए आर्थिक मदद की दरकार है। उन्होंने स्वीकारा कि शुरुआती तौर पर हम चीन की मदद से आर्थिक हालात सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। 

प्रवक्ता ने कहा कि चीन हमारे लिए एक मौलिक और असाधारण अवसर का प्रतिनिधित्व करता है, क्योंकि वह निवेश करने और हमारे देश के पुनर्निर्माण के लिए तैयार है। मुजाहिद ने यह भी कहा कि चीन की महत्वकांक्षी योजना वन बेल्ट वन रोड को तालिबान काफी तवज्जो देता है। बता दें कि कुछ दिन पहले तालिबान में नंबर दो माने जाने वाले मुल्ला अब्दुल गनी बरादर ने बीजिंग का दौरा किया था। इस दौरान चीन के विदेश मंत्री से बातचीत की थी। अब इस दौरे का नतीजा तालिबान के गुरुवार को दिए बयान से साफ हो रहा है। अफगानिस्तान में करीब 200 लाख करोड़ की खनिज संपदा है, जिस पर चीन नजर गड़ाए है।

दरअसल, तालिबान चीन को भरोसा दिला चुका है कि वो उइगर मुस्लिमों के कट्टरपंथी तत्वों पर नकेल कसकर रखेगा। अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल चीन के खिलाफ नहीं किया जा सकेगा। हालांकि, तालिबान ने भारत समेत पूरी दुनिया को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की है कि अफगानिस्तान की सरजमीं का इस्तेमाल किसी मुल्क के खिलाफ नहीं किया जा सकेगा। 

तालिबान का चीन ही एक मात्र सहारा
अफगानिस्तान में तालिबान राज के बाद दुनिया के अन्य देशों से आने वाली सहायता राशि या तो कम या बंद हो गई है। मनी ट्रांसफर जैसी सुविधा भी बंद हो गई है। लोगों को मजबूरी में अपने गहने बेचने पड़ रहे हैं। अमेरिका ने अफगानिस्तान के लिए अपनी तिजोरी में ताला जड़ दिया है, वहीं आईएमएफ और वर्ल्ड बैंक ने भी उसकी वित्तीय सहायता को रोक दिया है। 

पाकिस्तान की तरह अफगान को फंसाएगा चीन
बीते कुछ सालों में पाकिस्तान भी चीन की ओर आकर्षित हुआ है या यूं कहें ड्रैगन ने उसे अपनी जाल में फंसाया है। मध्य एशिया क्षेत्र में अपने नापाक मंसूबों को पूरा करने के लिए चीन इन देशों के साथ दोस्ती का हाथ बढ़ा रहा है, ताकि उसका दबदबा इस क्षेत्र में बढ़ जाए और वह सुपर पावर अमेरिका को टक्कर दे सके। चीन पाकिस्तान में कई परियोजना को स्पॉन्सर कर रहा है, इतना ही नहीं इमरान सरकार को कर्ज भी देता रहा है। 

Leave a Reply

Next Post

'सुपर वीआईपी का दर्जा नहीं देंगे', सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की सज्जन कुमार की बेल की अर्जी, काट रहे हैं उम्रकैद

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव नई दिल्ली 03 सितम्बर 2021। दिल्ली में 1984 में हुए सिख दंगों के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम बेल देने से इनकार कर दिया है। सज्जन कुमार ने मेडिकल कारणों से अंतरिम बेल की […]

You May Like

परिसीमन और एसआईआर पर रार: खरगे ने की सर्वदलीय बैठक की मांग....|....बस्तर दशहरे में पूरी हुई निशा जात्रा की रस्म....|....कोरबा में आईटीआई छात्र की आत्महत्या से मचा हड़कंप....|....रामानुजगंज छठ घाट पर नहाते समय गहरे पानी में समाया किशोर....|....50 करोड़ का 100 क्विंटल गांजा जब्त, 501 आरोपी गिरफ्तार....|....महाकाल की नगरी से दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू....|....राज्य वन सेवा मुख्य परीक्षा की फाइनल आंसर-की जारी....|....पीरागढ़ी में बहुमंजिला इमारत में भीषण आग....|....विजयादशमी पर सीएम योगी ने गुरु गोरखनाथ का किया विशेष पूजन....|....बवासीर की समस्या बढ़ा सकती हैं आपकी ये गलतियां