‘युद्ध का कोई उद्देश्य साफ नहीं’: पूर्व अमेरिकी NSA ने ईरान से जंग पर जताई चिंता, ट्रंप की रणनीति की आलोचना की

Indiareporter Live
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

वॉशिंगटन 09 मार्च 2026। पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष अब अपने दसवें दिन में प्रवेश कर चुका है। इसके बाद भी ये संघर्ष कम होने के बजाय और भयावह रूप लेता नजर आ रहा है। इसी बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन के ईरान के साथ युद्ध को लेकर चिंता व्यक्त की है। साथ ही ट्रंप की ईरान के साथ युद्ध नीति की आलोचना भी की है। उन्होंने कहा है कि युद्ध एक स्पष्ट रणनीतिक उद्देश्य के बिना भटक सकता है, भले ही अमेरिकी सैन्य अभियान सामरिक स्तर पर सफल दिख रहे हों। 

सुलिवन ने सीएनएन के शो ‘फरेद जकारिया जीपीएस’ में कहा कि अमेरिकी सेना बहुत कुशल, साहसी और पेशेवर है, लेकिन युद्ध का अंतिम उद्देश्य अब भी साफ नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह युद्ध अमेरिकी सैनिकों के लिए खतरा पैदा कर रहा है, और अब तक सात सैनिकों की जान जा चुकी है। उनका कहना है कि प्रशासन ने युद्ध के लिए कई अलग-अलग वजहें बताई हैं, लेकिन कोई स्पष्ट रणनीति नहीं है, और यह समय के साथ बदलती रहती हैं।

रणनीति की कमी और बड़े जोखिम की संभवना
सुलिवन ने आगे कहा कि युद्ध के शुरुआती एक हफ्ते से भी ज्यादा समय बाद अस्पष्ट रणनीति एक गंभीर जोखिम है। उन्होंने ट्रंप प्रशासन की वेनेजुएला में पहले की कार्रवाई से गलत सबक लेने की भी आलोचना की। उनका कहना है कि इससे यह संदेश जा सकता है कि अमेरिका कहीं भी, किसी भी समय सैन्य बल का इस्तेमाल कर सकता है।

भू-राजनीतिक खतरे और रूस का फायदा
इसके साथ ही सुलिवन ने चेतावनी दी कि इस युद्ध के अनपेक्षित भू-राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं, जिससे खासकर रूस को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि रूस अमेरिकी सैनिकों के ठिकानों की जानकारी हासिल कर ईरान को मदद दे सकता है।

यूक्रेन और चीन पर असर
इसके अलावा पूर्व सलाहकार ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध शुरू करने का फैसला यूक्रेन के लिए अमेरिका के समर्थन को कमजोर करता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि यह युद्ध भू-राजनीति में खतरनाक मिसाल बना सकता है, और चीन इसे यह सोचकर देख सकता है कि ताइवान पर सैन्य कार्रवाई करने की उसकी क्षमता बढ़ गई है। सुलिवन ने निष्कर्ष निकाला कि युद्ध के बिना स्पष्ट रणनीति के जारी रहने से न सिर्फ अमेरिकी सैनिक खतरे में हैं, बल्कि यह दुनिया भर में बड़े देशों के लिए गलत संदेश भी भेज सकता है।

Leave a Reply

Next Post

अमेरिकी संसद में एच-1बी प्रतिबंधों को खत्म करने के लिए विधेयक पेश, ट्रंप के फैसले पर सवाल

शेयर करे इंडिया रिपोर्टर लाइव वांशिगटन 09 मार्च 2026। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एच-1बी वीजा से संबंधित लागू किए गए कड़े प्रतिबंधों को चुनौती देते हुए अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में एक नया विधेयक पेश किया गया है। डेमोक्रेटिक सांसद बोनी वॉटसन कोलमैन ने यह विधेयक पेश कर राष्ट्रपति ट्रंप […]

You May Like

जांजगीर-चांपा में घर में फंदे पर लटकी मिली महिला....|....2 लाख रुपए की लूटपाट करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार....|....अस्पताल परिसर में जुआ खेलते 12 जुआरी पकड़े, कार-बाइक समेत लाखों का माल जब्त....|....एक करोड़ के बीमा क्लेम में हेराफेरी....|....छत्तीसगढ़ में अगले सप्ताह तक मानसून रहेगा सक्रिय....|....भारी बरिश के चलते रेल परिचालन प्रभावित....|....सिक्किम की निर्माणाधीन टनल पर लैंडस्लाइड, 10 मजदूरों की मौत....|....पेपर लीक मुद्दे पर राहुल गांधी स्पीकर से मिले....|....लोहिया कॉर्प 23 से निवेशकों के लिए खोलेगी 3,547 करोड़ रुपए का पब्लिक इश्यू....|....23 जुलाई से खुलेगा इंडो एमआईएम का ₹3812 करोड़ का आईपीओ