जाने बच्चों को रागी खिलाने के फायदे: हड्डियां बनेंगी फौलादी, एनर्जी मिलेगी भरपूर, होंगे ये अद्भुत फायदे

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नई दिल्ली 28 अप्रैल 2023। खिलाई जाएंगी. बच्चों के प्रॉपर विकास के लिए 6 महीने की उम्र के बाद से ही कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ खिलाना शुरू कर देना चाहिए, जो उनके शारीरिक विकास में बढ़ावा दे सकें. उन्हें हेल्दी बनाए रख सकें. ऐसी एक हेल्दी और बेहद ही पौष्टिक अनाज है रागी. जी हां, फाइबर, कैल्शियम, प्रोटीन से भरपूर रागी बच्चों को यदि खिलाया जाए, तो उनका शारीरिक विकास हर तरह से बेहतर होगा।

बच्चों को रागी खिलाने के सेहत लाभ
रागी छोटे बच्चों के लिए एक सुपरफूड है. यदि वजन नहीं बढ़ रहा है तो शिशुओं को रागी खिलाने से वजन सही तरीके से बढ़ सकता है. छोटे बच्चों का इम्यून सिस्टम भी सही तरीके से विकसित नहीं होता है, ऐसे में इसे डेवलप और बूस्ट करने के लिए हर तरह के पौष्टिक तत्वों की जरूरत होती है. रागी एक बेहद ही हेल्दी फूड है, जो कई न्यूट्रिशनल वैल्यू से भरपूर होता है. आप छोटे शिशुओं को इसका सेवन डाइटिशियन से सलाह लेकर करा सकते हैं.

  • रागी में कैल्शियम भरपूर होता है. यहां तक कि अन्य अनाज की तुलान में इसमें सबसे ज्यादा कैल्शियम की मात्रा होती है. ऐसे में रागी से तैयार फूड्स का सेवन कराने से बच्चों की हड्डियां मजबूत होती हैं. बोन हेल्थ मेंटन रहता है. इतना ही नहीं, रागी में विटामिन डी भी काफी होता है. ये दोनों ही शिशुओं की हड्डियों के प्रॉपर विकास के लिए बेहद जरूरी हैं. यह बोन डेंसिटी को भी बढ़ावा देती है।
  • रागी में भरपूर मात्रा में प्रोटीन होता है, जो बच्चों में आवश्यक पोषक तत्वों की कमी नहीं होने देता है. इससे बच्चे कुपोषण का शिकार नहीं होते हैं. रागी प्रोटीन का बेहतर सोर्स होने के कारण यह शाकाहारी लोगों के लिए बेस्ट फूड है.
  • रागी में नेचुरल आयरन भरपूर मात्रा में होती है, जो शरीर में खून की कमी नहीं होने देता है. इसके सेवन से एनीमिया से बचाव हो सकता है. विटामिन सी के सेवन से शरीर में अयारन का एब्जॉर्प्शन बढ़ जाता है. यदि रागी को स्प्राउट करके छोटे बच्चों को खिलाएं तो इससे विटामिन सी मिलता है, जिससे शरीर आयरन को एब्जॉर्ब आसानी से कर पाता है।
  • रागी में डायटरी फाइबर भी बहुत अधिक मात्रा में होती है. ऐसे में यह डाइजेशन में मदद करती है. पाचन शक्ति दुरुस्त रखती है. नॉर्मल बाउल मूवमेंट में मदद करती है, जिससे कब्ज की समस्या नहीं होती है. अक्सर शिशुओं और 8-10 साल के बच्चों में भी कब्ज की समस्या खूब देखी जाती है. आप रागी से बनी रोटी, खिचड़ी उन्हें खिलाएं, कब्ज नहीं होगा, डाइजेस्टिव सिस्टम ठीक रहेगा, शिशुओं को खाना पचाने में आसानी होगी।
  • बच्चों जल्दी बीमार पड़ते हैं, क्योंकि उनकी इम्यूनिटी स्ट्रॉन्ग नहीं होती है. ऐसे में आप उनकी डाइट में रागी से बनी चीजें जरूर शामिल करें. रागी इम्यूनिटी को बूस्ट करती है. कई तरह के संक्रामक रोगों से बचाती है।

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