कोरोना वायरस: प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को कांग्रेस ने बताया ‘हवाहवाई’ कहा- इकॉनमी, गरीबों के लिए कुछ खास नहीं

indiareporterlive
शेयर करे

इंडिया रिपोर्टर लाइव

हाइलाइट्स

  • कोरोना वायरस के मद्देनजर पीएम मोदी ने मंगलवार को तीसरी बार देश को संबोधित किया
  • पीएम मोदी ने कोरोना को रोकने के लिए देशव्यापी लॉकडाउन को 3 मई तक बढ़ाने का ऐलान किया

नई दिल्ली । कांग्रेस ने मंगलवार को देश के नाम प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन को ‘हवाहवाई’ और खोखला बताया है। कांग्रेस ने कहा कि पीएम के भाषण में न तो वित्तीय पैकेज का कोई जिक्र था और न ही इकॉनमी को उबारने के लिए ठोस कदमों का कोई जिक्र था। पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता पी. चिदंबरम में कहा कि गरीबों को 40 दिन के लिए अपना इंतजाम खुद करने के लिए छोड़ दिया गया है।

‘गरीबों को 40 दिन के लिए उनके हाल पर छोड़ दिया गया’

चिदंबरम ने कहा, ‘गरीबों को 40 दिन के लिए अपना इंतजाम खुद करने के लिए छोड़ दिया गया। धन है, भोजन है लेकिन सरकार वह देगी नहीं। रोओ, मेरे प्यारे देश!’ इसी तरह मनीष तिवारी ने कहा कि पीएम मोदी ने लोगों को यह तो बताया कि उनकी उनसे क्या उम्मीदें हैं लेकिन यह नहीं बताया कि लोगों के लिए उनकी सरकार क्या कर रही है।

सुरजेवाला ने पूछा- कहां है कोरोना से लड़ने का रोडमैप

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने पूछा कि कोरोना वायरस से लड़ने का देश का रोडमैप कहा है। उन्होंने कहा कि नेतृत्व का मतब यह नहीं है कि लोगों को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास कराया जाए बल्कि उसका मतलब यह है कि देश के लोगों के प्रति सरकार अपनी जवाबदेही के कर्तव्य को निभाए। उन्होंने कहा, ‘बहुत सारी बातें कही गईं। लेकिन कोरोना से लड़ने के लिए रोडमैप कहा है।

बड़ी-बड़ी बातें….लेकिन सबकुछ खोखला: सिंघवी

कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने तो यह तक कह दिया कि पीएम मोदी के भाषण से मुख्य बात ही नदारद थी। उन्होंने कहा, ‘पीएम का शानदार संबोधन। उपदेश, बड़ी-बड़ी बातें, प्रेरणा….लेकिन सबकुछ खोखला! कोई वित्तीय पैकेज नहीं, कोई विवरण नहीं, कुछ ठोस नहीं। न तो गरीबों के लिए और न ही मिडल क्लास के लिए और न ही इंडस्ट्री या कारोबार के लिए। लॉकडाउन अच्छा है लेकिन यह अपने आप में काफी नहीं है। लोगों की आजीविका से जुड़े एक भी मुद्दे को नहीं छुआ।

Leave a Reply

Next Post

राज्यपाल के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर, कहा- उन्हें फ्लोर टेस्ट कराने का अधिकार

शेयर करेनई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश में तत्कालीन कमलनाथ सरकार को विधानसभा में फ्लोर टेस्ट कराने के राज्यपाल लालजी टंडन के आदेश को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल को विधानसभा सत्र के बीच में फ्लोर टेस्ट कराने का आदेश देने का अधिकार है। […]

You May Like

 निवेश बढ़ाने के लिए 21 आईएएस अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी....|.... दबिश देने गई पुलिस टीम पर लाठी-पत्थरों से हमला....|....रेलवे के जीएम ने यात्रियों से पूछा- रेलवे स्टेशन की सफाई ठीक से होती है क्या?....|....एमपी में केमिकल और पेट्रोकेमिकल उद्योगों को निवेश के लिए आमंत्रित करेंगे सीएम....|....एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली राज्यसभा सीट पर उपचुनाव का ऐलान....|....लिखित माफीनामा, फिर भरे ₹50 हजार के बॉन्ड....|....राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर आत्मीय स्वागत....|....एशियन पैरा गेम्स में कांस्य पदक जीतने वाली मनीषा रामदास को मिलेगा 30 लाख रुपये का इनाम....|....बार-बार गैस, कब्ज और पेट फूलना? आंतों की सेहत से जुड़े हो सकते हैं ये संकेत....|....45 शहरों में लागू होगी एमएलएफएफ तकनीक