
इंडिया रिपोर्टर लाइव
वांशिगटन 23 जुलाई 2025। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम का श्रेय लेने से बाज नहीं आ रहे हैं। करीब 20 से अधिक बार ट्रंप संघर्ष विराम का दावा कर चुके हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने मंगलवार को एक बार फिर कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम कराया। इस संघर्ष में पांच फाइटर जेट मार गिराए गए थे। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष परमाणु युद्ध में बदलने वाला था। जबकि भारत बार-बार इसका खंडन कर रहा है। वहीं ट्रंप के इस दावे को कांग्रेस ने सिल्वर जुबली करार दिया है। रिपब्लिकन सीनेटरों के लिए आयोजित एक रात्रिभोज के दौरान व्हाइट हाउस में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि हमने भारत और पाकिस्तान, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और रवांडा के बीच युद्ध रोक दिए। ये गंभीर युद्ध थे। भारत और पाकिस्तान में जो चल रहा था। वहां से विमानों को मार गिराया जा रहा था। मुझे लगता है कि पांच जेट मार गिराए गए थे। मैंने उन्हें फोन किया और कहा कि सुनो, अब और व्यापार नहीं। अगर तुम ऐसा करोगे, तो तुम्हारा भला नहीं होगा। वे दोनों शक्तिशाली परमाणु संपन्न देश हैं और ऐसा होता ही और कौन जानता है कि इसका क्या नतीजा होता। मैंने इसे रोक दिया।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की पूरी परमाणु क्षमता को नष्ट कर दिया है और कोसोवो और सर्बिया के बीच संघर्ष को भी रोक दिया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि हमने युद्ध नहीं रोका, लेकिन हमने वह रोका जो युद्ध में बदल सकता था। हम सदन में अमेरिका की सराहना के लिए ऐसा कर रहे हैं। ठीक है, क्या आपको लगता है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ऐसा करते? मुझे ऐसा नहीं लगता। क्या आपको लगता है कि उन्होंने कभी इनमें से किसी देश के बारे में सुना है? मुझे ऐसा नहीं लगता।
कांग्रेस ने सरकार को घेरा
ट्रंप के दावे के बाद कांग्रेस ने एक बार फिर मोदी सरकार को घेरा है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने एक्स पर लिखा कि एक ओर मोदी सरकार संसद में पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के मुद्दे पर बहस की निश्चित तारीखें देने से इनकार कर रही है और प्रधानमंत्री के जवाब देने को लेकर भी कोई आश्वासन नहीं दे रही है। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप इस मुद्दे पर अपने दावों के साथ सिल्वर जुबली तक पहुंच चुके हैं। पिछले 73 दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप इस विषय पर 25 बार ढिंढोरा पीट चुके हैं, लेकिन भारत के प्रधानमंत्री अब तक पूरी तरह मौन हैं। उन्हें केवल विदेश यात्राओं और देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को अस्थिर करने के लिए ही समय मिल रहा है।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी श्रेय लेने की कोशिश
इससे पहले कार्यवाहक अमेरिकी प्रतिनिधि राजदूत डोरोथी शी ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में बहुपक्षवाद और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान विषय पर आयोजित बैठक में भी भारत-पाकिस्तान संघर्ष विराम का श्रेय लेने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि दुनियाभर में जहां तक संभव हो अमेरिका विवादों से जुड़े पक्षों के साथ शांतिपूर्ण समाधान खोजने के लिए काम करता रहता है। शी ने कहा कि पिछले तीन महीनों में ही अमेरिकी नेतृत्व ने इस्राइल और ईरान, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य और रवांडा और भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में सफलता हासिल की है।


