
इंडिया रिपोर्टर लाइव
चेन्नई 28 सितंबर 2025। तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी टीवीके की रैली में भगदड़ से 39 लोगों की मौत हो गई है। इसमें 50 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस बीच हादसे को लेकर कई बड़ी बातें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इस रैली के लिए आयोजकों ने तीस हजार लोगों के लिए अनुमति ली थी, लेकिन वहां 60 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। इतना ही नहीं खुद विजय अपने तय समय से काफी देरी से रैली में पहुंचे। जबकि उनके समर्थक और लोग काफी पहले से ही वहां इकट्ठे हो चुके थे। भीषण गर्मी में काफी देर से खड़े रहने के कारण कुछ लोगों की हालत बिगड़ने लगी और वे बेहोश होकर गिर पडे, जिसके बाद अचानक माहौल अफरातफरी वाला हो गया और भगदड़ मच गई।
तय संख्या से दोगुने लोग पहुंचे, खुद विजय छह घंटे देरी से आए
तमिलगा वेट्री कषगम (टीवीके) प्रमुख विजय के राज्यव्यापी दौरे के तहत रैली की गई थी। रैली के लिए विजय ने तीस हजार लोगों की अनुमति ली थी, लेकिन 60 हजार से अधिक लोग पहुंच गए। विजय को दोपहर एक बजे के आसपास पहुंचना था। लेकिन नमक्कल में रैली को संबोधित करने के बाद वह छह घंटे से अधिक की देरी से रैली स्थल पर पहुंचे।
सुबह 11 बजे से जुटने लगे थे समर्थक, विजय शाम सात बजे के बाद आए
डीजीपी ने बताया कि रैली की अनुमति दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक दी गई थी, लेकिन भीड़ सुबह 11 बजे से ही इकट्ठा होने लगी थी। जब विजय शाम 7 बजकर 40 मिनट पर पहुंचे, तब तक लोग घंटों बिना पर्याप्त भोजन और पानी के इंतजार कर रहे थे।
डीजीपी जी. वेंकटरमन बोले- 500 पुलिसकर्मी तैनात थे
राज्य के कार्यवाहक डीजीपी जी. वेंकटरमन ने हादसे के बारे में बताया कि मृतकों में 12 पुरुष, 16 महिलाएं और 10 बच्चे (पांच लड़के और पांच लड़कियां) शामिल हैं। उन्होंने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि भीड़ उम्मीद से कहीं ज्यादा उमड़ी। अभियान स्थल पर अभिनेता-नेता विजय के संबोधन के लिए 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे।
टीवीके ने खुले में रैली करने से मना किया
पुलिस के अधिकारी ने बताया कि टीवीके पदाधिकारियों ने करूर में खुले स्थान में रैली करने से इन्कार कर दिया था। लोग वाहन के साथ चलते रहे और भीड़ बढ़ने के कारण थक गए। रैली स्थल पर पीने के पानी की कोई व्यवस्था नहीं की गई थी। कई महिलाएं अपने बच्चों के साथ कार्यक्रम में आई थीं। सभा के लिए खुला मैदान ज्यादा सुरक्षित होता, लेकिन आयोजक इस सुझाव पर सहमत नहीं हुए।
प्रत्यक्षदर्शी बोले- भूखे-प्यासे कर रहे थे इंतजार
नंदा कुमार नामक एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “हम खुद वहां मौजूद थे। भीड़ संभालने का कोई उपाय नहीं था। विजय के 11 बजे आने की सूचना थी, लेकिन वे काफी देर से पहुंचे। लोग बच्चों के साथ आए थे, भूखे-प्यासे थे, और सिर्फ एक झलक पाने की उम्मीद में घंटों खड़े रहे। ऐसे में स्थिति बेकाबू हो गई। यह बहुत दुखद घटना है। आयोजकों को इतनी भीड़ का अंदाज़ा था या नहीं, कहना मुश्किल है, लेकिन ऐसी घटनाएं दोहराई नहीं जानी चाहिए।
जांच आयोग गठित, मुआवजे की घोषणा
वहीं, मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा कि सरकार ने भगदड़ की घटना के कारणों की जांच के लिए एक आयोग की घोषणा की है। इसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरुणा जगदीशन करेंगे। उन्होंने पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा भी की। प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये और घायल व्यक्ति को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे।


