
इंडिया रिपोर्टर लाइव
पणजी 15 नवंबर 2025। गोवा में कथित कैश-फॉर-जॉब्स घोटाला एक बार फिर सुर्खियों में है। आरोपी पूजा नाईक के नए आरोपों के बाद आम आदमी पार्टी ने कहा है कि उन्हें क्राइम ब्रांच की जांच पर भरोसा नहीं है और मामले की न्यायिक जांच होनी चाहिए। गोवा आप प्रमुख अमित पालेकर ने शुक्रवार को कहा कि जिस मंत्री पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें तुरंत पद छोड़ देना चाहिए ताकि जांच निष्पक्ष हो सके। उनके शब्दों में, ‘हमें क्राइम ब्रांच पर कोई भरोसा नहीं। इस मामले में न्यायिक जांच जरूरी है।
पूजा नाईक के गंभीर आरोप
पूजा नाईक, जिन्हें पिछले साल इस घोटाले में गिरफ्तार किया गया था और अब जमानत पर बाहर हैं, ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया। उनका दावा है कि इस घोटाले में एक राज्यमंत्री, एक आईएएस अधिकारी और एक इंजीनियर शामिल हैं। पूजा नाईक ने खास तौर पर राज्य मंत्री और एमजीपी नेता सुदीन धवलीकर पर सीधे आरोप लगाए हैं। हालांकि सुदीन धवलीकर ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है।
‘न पैसे लौटाए गए, न नौकरियां मिलीं’
पूजा नाईक का आरोप है कि मंत्री ने उन्हें दो अधिकारियों से मिलवाया था। इन अधिकारियों ने सरकारी नौकरियां देने के नाम पर 17.68 करोड़ रुपये लिए थे। शुरुआत में कुछ लोगों को नौकरी दी गई, लेकिन बाद में काम बंद कर दिया गया और न पैसे लौटाए गए, न नौकरियां मिलीं। नाईक ने यह भी कहा कि वह एमजीपी दफ्तर में स्टाफ के तौर पर काम करती थीं, इसलिए उनकी उनसे मुलाकात होती रहती थी।
मंत्री और एमजीपी की सफाई
मामले में सफाई देते हुए सुदीन धवलीकर ने कहा कि उनका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा, ‘क्राइम ब्रांच जांच कर रही है। उन्होंने 15 दिन का समय मांगा है, हम उनकी रिपोर्ट का इंतजार करेंगे।’ दूसरी ओर, एमजीपी प्रमुख दीपक धवलीकर ने कहा कि पूजा नाईक कभी उनके दफ्तर में कर्मचारी रहीं ही नहीं। उन्होंने कहा, ‘हमारे पास रिकॉर्ड है। उसका नाम कहीं नहीं है।’ मामले में पुलिस के अनुसार, पूजा नाईक के खिलाफ गोवा में इस घोटाले से जुड़े पांच मामले दर्ज किए गए थे। वह 21 नवंबर 2023 को जमानत पर रिहा हुई थीं।


