
इंडिया रिपोर्टर लाइव
कठुआ/बिलावर 17 जनवरी 2026। सुरक्षाबलों ने जिला कठुआ में आतंकवाद पर कड़ा प्रहार करते हुए तीन आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया है। इन ठिकानों का बिलावर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान भंडाफोड़ हुआ। इस दौरान आतंकियों के साथ दो बार मुठभेड़ हुई लेकिन दहशतगर्द अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहे। अधिकारियों के अनुसार सात जनवरी को बिलावर के कमाद नाला, कालाबन व धनु परोल के जंगलों में देश विरोधी तत्वों की आवाजाही की सूचना मिली थी। इसके आधार पर सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान शुरू किया। इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी की थी। इसके बाद रातभर रुक-रुक कर मुठभेड़ होती रही।
तलाशी के दौरान एक आतंकी ठिकाना मिला। जहां से एम4 राइफल के दो खाली कारतूस, देसी घी का डिब्बा, बादाम का पैकेट, दस्ताने, टोपी, कंबल, तिरपाल, छोटा पाउच व पॉलीथिन बैग बरामद किए गए। इसके बाद शुक्रवार को अभियान के दौरान बिलावर के काली खड्ड और कालाबन क्षेत्रों में दो और आतंकी ठिकाने ध्वस्त किए गए। इन ठिकानों से गैस सिलेंडर, खाने का तेल, चार्जर वायर, दस्ताने, खाना बनाने वाले बर्तन, गैलन, बड़े प्लास्टिक बैग, टॉर्च, कंबल, कंटेनर और खाने-पीने की वस्तुओं के रैपर बरामद किए गए। कठुआ की एसएसपी मोहिता शर्मा ने बताया कि तलाशी अभियान अभी जारी है। पुलिस जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पूरे जंगली इलाके को सील कर दिया गया है और आतंकियों के भागने के संभावित रास्तों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इन ठिकानों का ध्वस्त होना आतंकियों के लॉजिस्टिक नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
नशा तस्करी और आतंकी फंडिंग में महिला के खाते से 49 लाख जब्त
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नशा तस्करी और आतंकवाद फंडिंग से जुड़े मामले में 49 लाख जब्त किए हैं। श्रीनगर जोनल ऑफिस की ईडी टीम ने सैयद सदफ अंद्राबी (आरोपी अब्दुल मोमिन पीर की पत्नी) के खाते में पड़े 48.99 लाख को अपराध की आय के रूप में अस्थायी रूप से जब्त किया है। ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि जांच एनआईए जम्मू की एफआईआर व चार्जशीट के आधार पर शुरू की गई। 2020 में हंदवाड़ा के चेकपॉइंट पर अब्दुल मोमिन पीर से 6 किलो हेरोइन व 20 लाख नकदी बरामद की थी। बाद में एनआईए ने उसके रिश्तेदारों और सहयोगियों से 1.15 करोड़ नकदी व 15 किलो हेरोइन पकड़ी। जांच में पता चला कि अब्दुल रिश्तेदारों इस्लाम-उल-हक पीर, सैयद इफ्तिखार अंद्राबी, सैयद सलीम अंद्राबी व अन्य के साथ लंबे समय से अवैध नशीले पदार्थों के व्यापार में संलिप्त था।
एक मकान पहले से जब्त
नशे से अर्जित कमाई का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया गया। मोमिन पहले भी नशा तस्करी के दो मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। ईडी ने श्रीनगर के बेमिना में उसके घर को भी तस्करी की आय से अर्जित चिह्नित कर जब्त किया था। यह घर सदफ अंद्राबी के नाम पर था। जांच में अंद्राबी के नाम से बचत खाते की पहचान भी हुई। इसमें 48.99 लाख रुपये जमा थे। यह राशि कथित तौर पर अब्दुल व अन्य ने नशे के व्यापार से प्राप्त धन से जमा की थी। अब इस खाते को भी पीएमएलए के तहत अस्थायी रूप से जब्त कर लिया गया है। ईडी ने कहा कि और खुलासे होने की संभावना है।


