
इंडिया रिपोर्टर लाइव
हैदराबाद 22 फरवरी 2026। तेलंगाना के बांसवाड़ा में हुई हिंसा को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि राज्य में बढ़ती सांप्रदायिक घटनाएं “बहुत चिंताजनक” हैं। ओवैसी ने आरोप लगाया कि बांसवाड़ा में दक्षिणपंथी भीड़ ने अल्पसंख्यक समुदाय की दुकानों और रेहड़ी-पटरी वालों को निशाना बनाया। उन्होंने इस मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ओवैसी ने बताया कि उन्होंने कामारेड्डी के पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात की। उन्होंने सवाल उठाया कि कुछ ही घंटों में इतनी बड़ी भीड़ कैसे जुट गई। उनके अनुसार, कई वीडियो सामने आए हैं जिनमें कथित हमलावरों की गतिविधियां दिख रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर अपराध हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
हिंसा कैसे भड़की?
जानकारी के अनुसार, एक मॉल में धार्मिक गीत बजाने को लेकर दो समूहों के बीच विवाद हुआ। एक व्यक्ति ने आपत्ति जताई, जिसके बाद बहस बढ़ गई और मामला पथराव तक पहुंच गया। इस झड़प में एक पुलिस कांस्टेबल समेत कई लोग घायल हुए। पुलिस ने अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार किया है और मामले की जांच जारी है। प्रशासन ने कहा है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
मुआवजे और मदद की मांग
ओवैसी ने कहा कि जिन लोगों की दुकानों और संपत्ति को नुकसान हुआ है, उन्हें सरकार मुआवजा दे। उन्होंने बताया कि वह कामारेड्डी जिला एआईएमआईएम के महासचिव सईद खान से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने निर्देश दिया है कि नुकसान की पूरी रिपोर्ट तैयार की जाए, खासकर उन दुकानों की जो मुस्लिम समुदाय से जुड़ी हैं। ओवैसी ने कहा कि एआईएमआईएम भी पीड़ितों को हर संभव मदद और राहत देगी।
मस्जिद तोड़ने पर सवाल
ओवैसी ने सदाशिवपेट में मस्जिद-ए-मौलाना को तोड़े जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन मालिक मोहम्मद कलीम को लंबे समय से परेशान किया जा रहा था। राजस्व विभाग का कहना है कि जमीन ‘इनाम’ श्रेणी की थी, इसलिए ढांचा हटाया गया। ओवैसी ने पूछा कि अगर जमीन पर दो साल से कब्जा था और बोरवेल भी खोदा गया था, तो प्रशासन ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने स्थानीय नेताओं को अधिकारियों से बात करने को कहा है।
राजनीतिक और सामाजिक असर
बांसवाड़ा हिंसा और मस्जिद तोड़ने के मुद्दे ने तेलंगाना की राजनीति को गरमा दिया है। विपक्षी दल सरकार पर कानून-व्यवस्था में ढिलाई का आरोप लगा रहे हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और हालात पर नजर रखी जा रही है। राज्य में शांति बनाए रखने की अपील की गई है।


