‘ये इंसान के भीतर छिपी शक्ति को जगाने का विज्ञान’, सद्गुरु बोले- मानसिक समस्याओं के लिए योग जरूरी

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इंडिया रिपोर्टर लाइव

नई दिल्ली 21 जून 2026। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु जग्गी वासुदेव ने योग को लेकर बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि योग कोई धर्म, विचारधारा या सिर्फ शरीर को मोड़ने-तोड़ने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह इंसान के भीतर मौजूद असीम संभावनाओं को जगाने का विज्ञान है। सद्गुरु ने कहा कि जैसे बाहरी दुनिया को बेहतर बनाने के लिए विज्ञान और तकनीक है, उसी तरह मन और आत्मा के कल्याण के लिए भी एक विज्ञान है और उसका नाम योग है। उन्होंने लोगों से योग को अपनी जिंदगी का हिस्सा बनाने की अपील की।

योग को लेकर सद्गुरु ने क्या कहा?

सद्गुरु ने एक वीडियो संदेश में कहा कि योग किसी विशेष धर्म, जाति, नस्ल, समुदाय या लिंग के लिए नहीं है। यह हर इंसान के लिए समान रूप से उपयोगी है। उन्होंने कहा कि बहुत से लोग योग को केवल शारीरिक व्यायाम समझते हैं, जबकि इसका उद्देश्य इससे कहीं बड़ा है। उनके अनुसार, योग शरीर, मन, भावनाओं, बुद्धि और ऊर्जा के बीच संतुलन स्थापित करता है। यही कारण है कि योग को केवल एक व्यायाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

योग इंसान की क्षमता को कैसे बढ़ाता है?

सद्गुरु ने कहा कि हर इंसान के भीतर एक असाधारण क्षमता और प्रतिभा छिपी होती है। योग उसी क्षमता को बाहर लाने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि योग शरीर और दिमाग को बेहतर ढंग से काम करने के लिए तैयार करता है और इंसान की सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत बनाता है। उनके मुताबिक, यदि मानव जीवन को उसकी पूरी क्षमता तक पहुंचाना है, तो योग एक महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।

तनाव और मानसिक समस्याओं में योग कैसे मददगार है?

सद्गुरु ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और मानसिक परेशानियां तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में योग लोगों को अपने भीतर की समस्याओं का समाधान खोजने का रास्ता दिखाता है। उन्होंने कहा कि हर मानसिक समस्या का कोई न कोई समाधान मौजूद है और योग उस समाधान तक पहुंचने का एक प्रभावी साधन है। उनके अनुसार, योग मन को शांत करता है और व्यक्ति को मानसिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करता है।

क्या रोज केवल कुछ मिनट योग करना काफी है?

सद्गुरु ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति जीवनभर योग साधना के लिए समय नहीं निकाल सकता, तब भी उसे रोज कम से कम सात मिनट योग के लिए जरूर देने चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल सात मिनट का नियमित अभ्यास भी व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है। उनके मुताबिक, छोटी शुरुआत भी शरीर और मन पर सकारात्मक असर डाल सकती है और लोगों को स्वस्थ जीवन की ओर ले जा सकती है।

इस साल योग दिवस की थीम क्या है?

वर्ष 2026 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का 12वां आयोजन हो रहा है। इस बार की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ यानी स्वस्थ और सक्रिय वृद्धावस्था के लिए योग रखी गई है। इस थीम का उद्देश्य यह बताना है कि योग हर उम्र के लोगों को स्वस्थ, सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। सद्गुरु ने कहा कि अब समय आ गया है कि दुनिया के हर व्यक्ति तक यह संदेश पहुंचे कि खुद को बेहतर बनाने और भीतर की समस्याओं का समाधान पाने का एक सरल रास्ता योग भी है।

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