
इंडिया रिपोर्टर लाइव
नई दिल्ली 28 जून 2026। ऑपरेशन सिंदूर के छह शहीद जवानों को सम्मान देने को लेकर उठे विवाद के बीच रक्षा मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बलिदान देने वाले छह सैनिकों के नाम पहली बार सार्वजनिक किए जाने संबंधी मीडिया रिपोर्टें और सोशल मीडिया पर प्रसारित दावे तथ्यात्मक रूप से गलत हैं। इन वीर सैनिकों को समय पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई थी।
कांग्रेस के आरोपों के बाद मंत्रालय का बयान
रक्षा मंत्रालय का यह बयान कांग्रेस के आरोपों के बाद आया है। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने दावा किया था कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान बलिदान हुए छह जवानों के बलिदान को एक साल तक सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया और उनकी बलिदान को छिपाया गया। मंत्रालय ने बिना किसी का नाम लिए कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्ट में यह गलत दावा किया जा रहा है कि इन छह वीरों के बलिदान को पहली बार अब सार्वजनिक किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि यह पूरी तरह गलत है।
11 मई 2025 को ही डीजीएमओ ने दी थी श्रद्धांजलि
स्पष्टीकरण के मुताबिक 11 मई 2025 को आयोजित प्रेस वार्ता में सैन्य अभियानों के तत्कालीन महानिदेशक (डीजीएमओ) ने इन सैनिकों को श्रद्धांजलि दी थी और उनके बलिदान का उल्लेख किया था। इसके साथ ही 14 अगस्त 2025 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में इन छह वीर सैनिकों को वीरता पुरस्कार प्रदान किए जाने की जानकारी सार्वजनिक की गई थी। यह उनकी वीरता और सर्वोच्च बलिदान को मान्यता देना था। सेना के सोशल मीडिया हैंडल पर भी इन सैनिकों को श्रद्धांजलि दी गई थी।


