
इंडिया रिपोर्टर लाइव
रायपुर, 14 अगस्त 2026। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि स्कूलों की सहायक वाचन पुस्तक से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जीवनी और उनकी अहिंसा की विचारधारा को हटाना भाजपा सरकार की संकीर्ण और दुर्भावनापूर्ण सोच को उजागर करता है। यह केवल एक पाठ को हटाने का मामला नहीं, बल्कि देश की आजादी के महानायक, सत्य और अहिंसा के पुजारी बापू के विचारों को नई पीढ़ी से दूर करने की सुनियोजित कोशिश है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पिछले 25 वर्षों से बच्चों को सहायक वाचन के माध्यम से महात्मा गांधी के जीवन, संघर्ष, सत्य और अहिंसा की विचारधारा से परिचित कराया जाता रहा है। अचानक बापू की जीवनी को पुस्तक से हटाना भाजपा सरकार की वैचारिक दुर्भावना का प्रमाण है। जिस महात्मा गांधी के नेतृत्व में करोड़ों भारतीयों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ अहिंसक संघर्ष किया, उनके विचारों को बच्चों से छिपाने का प्रयास बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनजंय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा और आरएसएस की गांधी विरोधी मानसिकता अब शिक्षा व्यवस्था में दिखाई देने लगी है। सरकारी स्कूलों को वैचारिक प्रयोगशाला बनाकर बच्चों के पाठ्यक्रम में नफरत और विभाजन की सोच थोपने की कोशिश की जा रही है। बापू के सत्य, अहिंसा, भाईचारे और सर्वधर्म समभाव की जगह यदि संकीर्ण विचारधारा को बढ़ावा दिया जाएगा तो यह प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि आजादी की लड़ाई में जिन महान स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उनके योगदान को पाठ्यक्रम से कमतर करना और ऐसे लोगों को महिमामंडित करना जिनका स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान नगण्य रहा, इतिहास के साथ छेड़छाड़ है। देश के बच्चों को सच्चा इतिहास पढ़ाने के बजाय राजनीतिक विचारधारा का चश्मा पहनाकर इतिहास दिखाने की कोशिश कांग्रेस पार्टी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि महात्मा गांधी केवल कांग्रेस के नेता नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और विश्व को अहिंसा का मार्ग दिखाने वाले महानायक हैं। बापू की विचारधारा को किताब से हटाने से उनका इतिहास खत्म नहीं होगा, बल्कि भाजपा सरकार की सोच जरूर बेनकाब होगी।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सहायक वाचन पुस्तक में पूर्व की तरह राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जीवनी, सत्य और अहिंसा की विचारधारा को तत्काल पुनः शामिल किया जाए। साथ ही बापू की जीवनी और अहिंसा के पाठ को हटाने के जिम्मेदार लोगों की जांच कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।


